[azamgarh] - दूसरी जांच में भी मेहनौनी में आवास निर्माण में मिला झोल

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शिकायत के आधार पर हुई जांच में तहबरपुर ब्लाक के मेहमौनी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली की रिपोर्ट डीएमओ ने तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी थी, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच एक और शिकायत के आधार पर पंचायती राज एक्ट के तहत हुई जांच की रिपोर्ट भी डीपीआरओ को सौंप दी गई है। इस जांच में भी मेहनौनी में आवास निर्माण में झोल मिला है। फिलहाल कार्रवाई के लिए फाइल जिलाधिकारी को भेजने की तैयारी है। तहबरपुर ब्लाक के गांव मेहमौनी गांव निवासी विवेक कुमार राय पुत्र हरिशचंद्र राय ने गत वर्ष शिकायत की थी कि गांव में विकास कार्यों और प्रधानमंत्री आवास में करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। शिकायत पर तत्कालीन सीडीओ ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी से जांच कराई। जांच में आवंटित 250 से अधिक आवासों में मौके पर 100 से भी कम मिले थे। जो मिले वो भी आधे-अधूरे या मानक के विपरीत थे। कई अपात्रों को आवास देने के मामले सामने आए थे। आठ दिसंबर को सीडीओ को इसकी रिपोर्ट सौंप दी गई थी, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच जिलाधिकारी से एक और शिकायत सुनील राय ने की। इसमें भी यही आरोप लगाए गए थे। डीएम ने उन्होंने डीपीआरओ को जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दे दिए। इसमें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और दो अन्य को जांच अधिकारी बनाया गया। सीवीओ डॉ. वीके सिंह ने भी मामले की जांच पूरी कर ली है। इसकी रिपोर्ट डीपीआरओ और परियोकजना निदेशक को सौंप दी गई है। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री आवास में इस जांच में भी कई झोल मिले है। इससे अनर उजाला की खबर की पुश्टी हुई है। फिलहाल रिपोर्ट को ओपेन नहीं किया जा रहा है। इसे जिलाधिकारी के पास भेजा जाएगा। मामले में वहीं से कार्रवाई होनी है। 000000000000 उपायुक्त को कराया जांच से अवगत आजमगढ़। तहबरपुर विकास खंड के गांव मेहमौनी निवासी विवेक कुमार राय पुत्र हरिशचंद्र राय ने जनपद स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर मामले की शिकायत शासन से भी की थी। उपायुक्त मनरेगा ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की जांच करा के एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की थी। फिलहाल उपायुक्त मनरेगाको अवगत करा दिया है कि मामले की जांच हो चुकी है, इसमें कार्रवाई जिलाधिकारी के स्तर से होनी है, इसके लिए फाइल भेजी जा रही है।00000मेहमौनी गांव की जांच मिली थी। इसकी रिपोर्ट परियोजना निदेशक को सौंप दी गई है। जांच में जो मिला है उसे रिपोर्ट में इंगित कर दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों के स्तर से ही होनी है।डॉ. वीके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

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