[gonda] - ात्र की कामयाबी ने जगाई परिवार में उम्मीद की रोशनी

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काश... आज मम्मी-पापा जिंदा होतेगोंडा। 20 दिन पहले एक सड़क हादसे में माता पिता दोनों को गंवाने वाले छात्र यशवंत ने आईसीएससी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक हासिल कर न सिर्फ अपने कॉलेज में टाप किया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अगर मन में अपने लक्ष्य के प्रति लगन हो तो दुनिया की बड़ी से बड़ी बाधा आपके कदमों को रोक नहीं सकती। सोमवार को जब यशवंत ने अपना परीक्षा परिणाम देखा तो उसकी आंखें छलक उठी। मासूम यशवंत का कहना था कि काश आज उसके माता पिता जीवित होते...। जिले के परसपुर क्षेत्र के पसका गांव के रहने वाले विजय बहादुर सिंह उर्फ राजाबाबू का बेटा यशवंत लखनऊ के कॉल्विन तालुकेदार कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र है। वह अपनी बड़ी बहन के साथ रहकर पढ़ाई करता है। विजय बहादुर सिंह (52)गांव के कोटेदार थे और गोंडा शहर में ही मकान बनाकर परिवार समेत रहते थे। 18 अप्रैल की सुबह वह अपनी पत्नी सुषमा सिंह (50) के साथ गांव से बाइक से गोंडा लौट रहे थे। रास्ते में हारीपुर गांव के समीप पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार जीप ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी थी। इस हादसे में विजय बहादुर व उनकी पत्नी सुषमा की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में माता पिता की मौत ने यशवंत को ही नहीं पूरे परिवार के मनोबल को तोड़कर रख दिया था। सोमवार को आईसीएससी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा का परिणाम आया तो यशवंत ने 93 प्रतिशत अंक लाकर पूरे स्कूल में पहला स्थान हासिल किया। परिणाम देखने के बाद यशवंत व उसकी दोनों बहनों श्वेता व प्रतिभा की आंखें छलक आई। लखनऊ के एक कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर प्रतिभा सिंह ने कहा कि यशवंत ने अपनी मेधा के जरिए परिवार में उम्मीद की एक नई रोशनी जगाई है। यशवंत ने इस परिणाम को अपने माता-पिता का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि वह आगे चलकर आईआईटी की तैयारी कर अपने माता पिता के सपनों को साकार करना चाहता है। फोटो-12

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