[panipat] - 24 साल में पहली बार जिला परिषद के चैयरमेन के खिलाफ 12 पार्षदों ने किया विश्वास प्रस्ताव पारित, सरकार के धन का मिसयूज करने के लगा

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अमर उजाला ब्यूरोपानीपत। जिला परिषद के 24 साल के इतिहास में पानीपत में पहली बार किसी जिला परिषद के चेयरमैन व उप चेयरमैन के खिलाफ पार्षदों ने एक तिहाई मत से अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया। 17 में से 12 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। 5 पार्षद चेयरपर्सन आशू शेरा के समर्थन में रहे। सोमवार सुबह स्काई लार्क में मीटिंग कर पार्षदों ने यह प्रस्ताव पास किया है। प्रस्ताव को डीसी कार्यालय भेज दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बारे में चेयरपर्सन आशू शेरा को पता चला तो वह सन्न रह गईं। उन्होंने इसके लिए बीजेपी के लोगों को ही जिम्मेदारी ठहराया है। उन्होंने अपने साथी पार्षदों पर धोखा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन पार्षदों ने किया अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षरजिला परिषद के चेयरपर्सन के खिलाफ वार्ड 2 के जिला पार्षद विनय गुप्ता, वार्ड 4 की जिला पार्षद आशा देवी, वार्ड 16 के जिला पार्षद लखमी, वार्ड 9 के जिला पार्षद सुनील कुमार, वार्ड 11 की जिला पार्षद निधि रावल, वार्ड 5 के जिला पार्षद सत्यनारायण, वार्ड 3 के जिला पार्षद दयानंद उरलाना, वार्ड 6 के जिला पार्षद कृष्ण कुमार, वार्ड 10 की जिला पार्षद सुनीता देवी, वार्ड 12 की जिला पार्षद काजल गोस्वामी व वार्ड 15 की जिला पार्षद ज्योति रानी ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। ये पार्षद रहे समर्थन में: वहीं चेयरपर्सन के समर्थन में वार्ड 7 के जिला पार्षद संदीप सिंह, वार्ड 8 के जिला पार्षद पुनीता छौक्कर, वार्ड 14 के पार्षद देव मलिक व 17 वार्ड के जिला पार्षद मंजीत सिंह रहे। चेयरपर्सन और उप चेयरपर्सन पर लगाए आरोपकांग्रेसी नेता व जिला पार्षद विनय गुप्ता ने जिला चेयरपर्सन आशू शेरा और उप चेयरपर्सन पुनिता छौक्कर पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी अपना काम जिम्मेदारी से नहीं किया है। उन्होंने सरकारी फंड का हमेशा दुरुपयोग किया है। हमेशा ग्रांट राशि में भेदभाव किया है। उन्होंने जिला परिषद को निजी परिषद बना दिया था। नियमानुसार दो माह में एक बार मीटिंग होनी चाहिए, लेकिन 4 साल में उन्होंने महज 8 बार ही मीटिंग की है। वो कई बार सीएम से शिकायत कर चुके थे। उन्होंने जिला परिषद में भ्रष्टाचार किया है। उनके निजी स्वार्थ ने जिला परिषद को बदनाम किया है। उनके पति ने इस पोस्ट को मिस यूज किया है। उनकी कार्य प्रणाली से सभी जिला पार्षद परेशान हो चुके थे। सभी क्षेत्रों में विकास कार्य रुका हुआ था। मुझे बीजेपी के लोगों ने दिया धोखा, मुझे गोवा भेज दिया, पीछे से साजिश रची: जिला परिषद की चेयरपर्सन आशू शेरा के पति सत्यवान शेरा ने बताया कि उनके बीजेपी के कुछ साथियों ने ही उन्हें धोखा दिया है। उनको विश्वास में लेकर गोवा भेज दिया गया। पीछे से दूसरे लोगों के साथ मिलकर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कराया है। उन्होंने 9 करोड़ के विकास कार्य किए हैं। किसी भी क्षेत्र में विकास के कार्यों में कमी नहीं रहने दी। उनके खिलाफ साजिश के तहत प्रस्ताव पास किया गया है। दयानंद उरलाना व श्यामचंद में चेयरमैन की कुर्सी के लिए जंगइनेलो नेता दयानंद उरलाना व वार्ड 13 के जिला पार्षद श्यामचंद में चेयरमैन की कुर्सी के लिए जंग है। अब इसके लिए मीटिंग का दौर शुरू हो चुका है। दोनों अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। दयानंद उरलाना इनेलो के नेता और इनके चेयरमैन बनने की उम्मीद अधिक है।चेयरपर्सन के खिलाफ 12 पार्षदों ने किया अविश्वास प्रस्ताव पारित, सरकारी पैसे के दुरुपयोग का लगाया आरोप-जिला परिषद चेयरपर्सन बोलीं- मुझे बीजेपी के लोगों ने ही दिया धोखा, काजल गोस्वामी ने विश्वास दिलाकर गोवा भेज दिया -5 पार्षद आशू शेरा के समर्थन में है, आशू शेरा के गोवा जाते ही पीछे से पार्षदों ने किया प्रस्ताव पास फोटो 20 21

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