[pithoragarh] - पीपीपी मोड से हटने के बाद अस्पताल का पहला दिन

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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पब्लिक-प्राइवेट पाटनर्शिप (पीपीपी) मोड से बाहर निकलने के बाद मुनस्यारी अस्पताल में सोमवार को अकेले डॉक्टर ने मरीजों की नब्ज टटोली। अलबत्ता अस्पताल में मरीजों को एक्सरे की सुविधा नहीं मिल सकी। इसके चलते एक मरीज को बाहर एक्सरे करना पड़ा। मुनस्यारी का सीएचसी 13 मई तक पीपीपी मोड से संचालित था। अब यह अस्पताल फिर से सरकारी स्वामित्व में आ गया है। अलबत्ता अभी यहां किसी डॉक्टर की नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं की गई है। एक डॉक्टर मदकोट और एक डॉक्टर डुंबर अस्पताल से यहां संबद्ध किए गए हैं। मगर पहले दिन एक ही डॉक्टर तैनात थे। इसके अलावा दो फार्मेसिस्ट, दो एएनएम, एक स्टाफ नर्स, हेल्थ विजिटर, वार्ड ब्वाय, स्वच्छक व चालक को तैनात किया गया है। अमर उजाला की पड़ताल में डॉ.दिनेश चंदोला मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करते मिले। उन्होंने 58 मरीजों का परीक्षण किया। बुखार से पीड़ित चंद्रा देवी चिकित्सक के इलाज से संतुष्ट दिखी और दवा भी अस्पताल से ही मिली। वहीं पांव में चोट लगने से अस्पताल पहुंच के एक अन्य मरीज राहुल को एक्सरे के लिए बाहर का रास्ता नापना पड़ा। सोमवार को अस्पताल आने वालों में ज्यादातर मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार, पेट व सिर दर्द आदि से पीड़ित थे। पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद मिले। इधर सीएमओ डॉ.उषा गुंज्याल ने कहा कि मुनस्यारी अस्पताल के स्टाफ की कमी दूर कर व्यवस्थाओं को शीघ्र ही सामान्य किया जाएगा। बता दें कि यहां डॉक्टरों के नौ पद सृजित हैं, लेकिन तैनाती एक की भी नहीं है। वहीं अस्पताल के अभिलेखों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को भी एक माह में पूरा करने की बात कही गई है।

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