[shimla] - डॉक्टर की सलाहः डायरिया से डरें नहीं, बरतें ये सावधानी

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मौसम में बदलाव आने से बच्चों और बड़ों में डायरिया (अतिसार) का प्रकोप बढ़ रहा है। छोटे बच्चों यह बीमारी को दूषित पानी और मिलावटी दूध पिलाने से होती है। रोटा वायरस के इंफेक्शन से भी डायरिया फैलता है।

दूषित पानी से बच्चे डायरिया ही नहीं टायफाइड और पीलिया से ग्रस्त हो जाते हैं। गर्मियों के मौसम में इसका प्रकोप बढ़ जाता है। पानी से होने वाले रोगों से बचने के लिए खास एहतियात बरतने की जरूरत है। सबसे ज्यादा बच्चों को गंदे पानी से होने वाले रोगों से बचाना चाहिए।

समय पर अगर उपचार न मिले तो दूषित पानी का सेवन करने से होने वाले डायरिया से बच्चे की मौत भी हो सकती है। समय रहते सावधानी बरतने से रोकथाम हो सकती है। बिलासपुर अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश शर्मा का कहना है कि गर्मियां और फिर बरसात का मौसम आने वाला है।

ऐसे में गंदे पानी से कई भयंकर बीमारियां बच्चों और बड़ों को चपेट में ले लेती हैं। सबसे ज्यादा गंभीर बीमारी डायरिया है, जिसमें लगातार दस्त और उल्टियां होने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। समय पर उपचार न मिलने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। - डॉ. सतीश शर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल बिलासपुर

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