[unnao] - तूफान ने ढाया कहर, छप्पर गिरने से वृद्धा की मौत

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रविवार रात आए तूफान ने जनपद में जमकर कहर बरपाया। माखी थानाक्षेत्र में छप्पर गिरने से उसके नीचे सो रही वृद्धा की दबकर मौत हो गई। वहीं अमिया गिरने से आम पट्टी क्षेत्रों को तगड़ा नुकसान हुआ है। नवाबगंज के दुर्गाखेड़ा में आग से कई घरों की गृहस्थी तबाह हो गई है।

चकलवंशी प्रतिनिधि के अनुसार, माखी थानाक्षेत्र के आपमऊ निवासी सुंदारा (85) पत्नी रामचरन अपने घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रही थी। रविवार रात तेज आंधी तूफ ान से छप्पर गिर गया जिसके नीचे वृद्ध महिला दब गई। बेटे मूलचंद्र ने मां को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी जावेद अख्तर ने बताया कि आंधी में छप्पर के नीचे महिला की मौत की सूचना पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अजगैन प्रतिनिधि के अनुसार, नवाबगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत पिपरोसा के मजरे दुर्गाखेड़ा में रविवार शाम करीब सात बजे लगी आग ने 12 से अधिक घरों की गृहस्थी जल गई। इस अगिभनकांड में लाखों का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के करीब तीन घंटे बाद मौके पर पुलिस पहुंची। उसके बाद फ ायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची लेकिन बिना पानी के जब गांव वालों ने बगल के तालाब से पानी लेने की बात कही तो फ ायर ब्रिगेड वाले उनसे उलझ गए। पीड़ितों ने बताया कि अजगैन पुलिस सिर्फ खड़े होकर तमाशा देखती रही।

आग बुझाने के प्रयास में महेश अपनी छत से नीचे आ गिरा जिससे उसकी कमर, सीने व पैर में गंभीर चोट आई है। सोमवार को पीड़ित जले सामान में अपनी बची गृहस्थी ढूंढते रहे। कई ग्रामीणों के यहां तो खाने तक को कुछ नहीं बचा। सिर्फ तन पर पहने कपडे़ ही बचे। पीड़ित ग्रामीणों में राधेलाल, मोहित, रामसजीवन, सोनेलाल, धर्मेंश व रोहित आदि ने बताया कि आग ने सब कुछ जलाकर राख कर दिया है। अब खाने तक के लाले हो गए हैं। लेखपाल मत्स्येंद्र ने गांव पहुंचकर आग से हुए नुकसान का आंकलन किया। उन्होंने पूरे नुकसान की रिपोर्ट बना तहसील प्रशासन को सौंपकर मुआवजा और राहत दिलाने का आश्वासन दिया। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की सहायता न भिजवाए जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश दिखा।

भगवंतनगर प्रतिनिधि के अनुसार, बिहार थानाक्षेत्र के अकवारा राकेश रविवार शाम को पूजन करके पूजास्थल में अगरबत्ती लगाकर घर से बाहर बैठ गए। इसी बीच अचानक आंधी आने से अगरबत्ती की चिंगारी से बिस्तर में आग लग गई। जब तक घर वालों को जानकारी होती तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पड़ोसियों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया। गृहस्वामी राकेश ने बताया कि पूजास्थल वाले कमरे में ही कपड़े, बिस्तर, राशन व पांच हजार की नगदी भी रखी थी। जो जल गई है। अब उसके सामने पेट भरने की समस्या खड़ी हो गई है।

रविवार को बवंडर वाली आंधी से आम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर तो पेड़ उखड़ गए। अमिया जमींदोज हो गई। आम पट्टी में गिने जाने वाले हसनगंज, मियागंज, सफीपुर, बांगरमऊ क्षेत्र में अब तक 15 फीसदी फसल के गिरने की आशंका जताई जा रही है। अपर उद्यान अधिकारी आरबी वर्मा का कहना है कि 35000 हेक्टेअर क्षेत्र में आम पट्टी फैली हुई है। रविवार रात को बवंडर वाली आंधी आने से करीब (7 फीसदी) 2450 हेक्टेअर की अमिया गिर गई है। अब तक आंधी से करीब 15 फीसदी फसल गिर गई है। जिससे आम की फसल को तगड़ा नुकसान पहुंचा है। गंजमुरादाबाद प्रतिनिधि के अनुसार करीब 40 फ ीसदी आम की फ सल गिरकर जमींदोज हो गई है। अच्छी बौर आने से फ सल से लदे पेड़ झुक गए थे। अतीक, रहमान, शकील और दानिश ने बताया कि इस बार आम की फसल बहुत ही अच्छी थी लेकिन आंधियों ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। अब तक लागत आदि भी निकलना मुश्किल दिख रहा है।

रविवार रात आए तूफान से कई जगहों पर विद्युत पोल और तार टूटकर गिर गए थे। शहर में तो किसी तरह से 10 से 12 घंटों में मरम्मत करके आपूर्ति बहाल कर दी गई लेकिन ग्रामीण इलाकों में स्थिति खराब रही। नवाबगंज, असोहा, औरास समेत अन्य ब्लाक क्षेत्रों में दूसरे दिन भी मरम्मत नहीं हो सकी। जिससे बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई।

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