[uttarkashi] - घोड़ से गिरकर बुजुर्ग तीर्थयात्री घायल, तीर्थयात्रियों ने उठाई यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग की व्यवस्था सुधारने की मांग-compat

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बड़कोट। यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग में सोमवार सुबह घोड़े से गिर जाने से एक 60 वर्षीय तीर्थयात्री घायल हो गए। उन्हें बड़कोट स्थित स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। तीर्थयात्री ने घोड़ा चालक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।जानकारी के अनुसार गुजरात निवासी प्रेमचंद्र अपने परिजनों के साथ घोड़े में सवार होकर यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए रवाना हुए थे, लेकिन जानकी चट्टी से करीब 600 मीटर आगे बढ़ते ही वह घोड़े से फिसलकर सड़क किनारे बने गड्ढे में जा गिरे। घटना के बाद मौके पर मौजूद सूचना केंद्र प्रभारी रणवीर राणा और अन्य लोगों ने घायल यात्री को उठाकर बड़कोट स्थित स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि तीर्थयात्री के दायें हाथ की हड्डी टूट गई है। घायल यात्री ने बताया कि चालक ने घोड़े की लगाम छोड़ दी थी, जिससे वह तेजी से दौड़ने लगा और वह अपना संतुलन खो बैठे। उन्होंने प्रशासन से घोड़ा-खच्चर चालकों के लिए सुरक्षा नियम तय करने की मांग की है।संकरे रास्ते में बेलगाम घोड़े-खच्चर बन रहे यात्रियों के लिए खतराबड़कोट। जानकी चट्टी से यमुनोत्री धाम तक के पांच किमी लंबे पैदल मार्ग में घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी की आवाजाही से पैदल तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मात्र आठ से 10 फीट चौड़े इस मार्ग में करीब 920 घोड़े-खच्चरों, 900 डंडी-कंडी एवं पिट्ठू चालकों की आपाधापी के बीच से होकर ही यात्रियों को दुर्गम चढ़ाई करनी पड़ती है। ऐसे में चालक भी ज्यादा से ज्यादा चक्कर लगाकर अधिक कमाई करने के लालच में यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यमुनोत्री धाम यात्रा से लौटे नेपाल के ध्रुव क्षेत्री ने बताया कि बेलगाम दौड़ते घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी के चलते हमेशा भगदड़ और दुर्घटना का डर बना रहता है। वहीं गुजरात के गौरी शंकर ने बताया कि चालक जल्दी से जल्दी चक्कर पूरा करने के लालच में घोड़े-खच्चरों की लगाम छोड़कर उन्हें दौड़ा देते हैं, जिससे पैदल एवं घोड़े पर सवार यात्रियों के घायल होने का डर बना रहता है। राजस्थान के जगदीश जाठ ने कहा कि प्रशासन को पैदल मार्ग में घोड़े खच्चरों एवं डंडी कंडी के लिए अलग मार्ग बनाने के साथ ही सुरक्षा के लिए कठोर नियम बनाने चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। ब्यूरो

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