[varanasi] - प्रदूषण के नाम पर प्लास्टिक उद्योगों का उत्पीड़न बर्दास्त नहीं

  |   Varanasinews

वाराणसी। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के मलदहिया स्थित कार्यालय पर सोमवार को इकट्ठा हुए प्लास्टिक उद्यमियों ने कहा कि प्रदूषण के नाम पर प्लास्टिक उद्योगों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह उद्योग लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के साथ ही सरकार को राजस्व भी देता है।बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडल अध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए पॉलीथिन प्रतिबंधित करने का अभियान चलाया जा रहा है। प्रदूषण कम करना मानव जीवन के लिए अनिवार्य हो गया है लेकिन जहां तक पॉलीथिन से प्रदूषण की बात है तो उसमें 50 माइक्रोन तक के पॉलीथिन का रिसाइकल नहीं होता। 50 माइक्रोन से ऊपर निर्मित होने वाला पॉलीथिन पूरी तरह रिसाइकल होता है। प्रदेश सरकार ने पहले से ही 50 माइक्रोन तक के पॉलीथिन को प्रतिबंधित कर रखा है। 50 माइक्रोन तक के पॉलीथिन को कड़ाई के साथ प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। बताया कि औद्योगिक क्षेत्र रामनगर एवं चांदपुर में स्थापित प्लास्टिक उद्योगों के किसी भी कारखाने में 50 माइक्रोन के नीचे प्लास्टिक का निर्माण नहीं होता। बैठक में प्रबोध मेहता, महेश चौधरी, अंजनी अग्रवाल, वीरेंद्र यादव, सुबोध बरनवाल, पवन गुप्ता, अंसार अहमद आदि मौजूद रहे।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/NC9LxAAA

📲 Get Varanasi News on Whatsapp 💬