[varanasi] - योग मजहब को नहीं बांटता बल्कि एक सूत्र में पिरोने का काम करताः बाबा रामदेव

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योग किसी धर्म मजहब को नहीं बांटता, यह सभी को एक सूत्र में पिरोने का साधन है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई या चाहे कोई भी धर्म हो योग करने की मनाही नहीं है। योग आपस में मेल मिलाप और भाईचारे का संदेश देता है। ये बातें बाबा रामदेव ने मंगलवार की सुबह आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र के मौलाना आजाद इंटर कॉलेज अंजान शहीद के प्रांगण में योग शिविर के आयोजन के दौरान कहीं।

योग गुरु ने शराब को देश के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि शराब पीने से पूरा घर बर्बाद होता है। इसलिए शराब का बहिष्कार करें। कोई भी धर्म शराब पीने की इजाजत नहीं देता है। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा रामदेव और विद्यालय के प्रबंधक मिर्जा आरिफ बेग और मिर्जा अराफात बेग ने दीप प्रज्ज्वलित कर की।

बाबा रामदेव का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। शिविर में स्वामी रामदेव ने योग के माध्यम से लोगों को निरोग होने की जानकारी दी। विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास और प्राणायाम कपालभांति, अनुलोम-विलोम, सिंहासन सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वज्रासन आदि कराए।

कहा कि कपालभांति से अनेक रोग दूर होते हैं। योग से गंभीर बीमारियों और असाध्य रोगों से छुटकारा मिलता है। इससे सारी बुराइयों से छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाएं, विदेशी सामानों का बहिष्कार करें। इस दौरान काफी संख्या में हिंदू-मुस्लिम छात्र-छात्राएं और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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