[dehradun] - पुलिसकर्मियों को लेकर हाईकोर्ट के फैसले से विभाग के सामने खड़ी हुई नई मुसीबत, होगी ये परेशानी

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पुलिसकर्मियों से आठ घंटे ड्यूटी कराने के संबंध में आए हाईकोर्ट के निर्णय पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया यही रही कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन की स्थिति में राज्य में कम से कम 10 हजार पुलिसकर्मियों की जरूरत होगी। मंगलवार को इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में गहमा-गहमी का माहौल रहा। अधिकारियों की तत्काल प्रतिक्रिया यह भी रही कि अभी तो फैसले की कॉपी मिली नहीं, अध्ययन के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

हाईकोर्ट नैनीताल ने हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदौरिया की याचिका पर पुलिसकर्मियों से आठ घंटे ड्यूटी कराने का फैसला सुनाया है। इसके साथ ही कई और निर्देश भी दिए हैं। अदालत के इस निर्णय को लेकर अधीनस्थ पुलिसकर्मी खुश तो वरिष्ठ इन आदेशों की तामीली को लेकर चिंतित नजर आए। अभी इस संबंध में कोई अधिकारिक बैठक तो नहीं बुलाई गई, मगर फैसले का किस तरह अक्षरश: पालन हो, इसके लिए विकल्पों पर चर्चा होती रही।

बता दें कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की पुलिस स्ट्रेंथ, एक्सपेंडीचर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर विषय पर आई एक रिपोर्ट में उत्तराखंड के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यहां प्रति 100 किलोमीटर के दायरे में पुलिसकर्मियों की संख्या यानी पुलिस घनत्व महज 34.5 (2001 से 2011 तक) है। यह राष्ट्रीय अनुपात 52.4 से भी कम है। इस मामले में उत्तराखंड का नंबर पूरे देश में 28वां (संघ शासित प्रदेश भी शामिल) है। ऐसे में अगर उत्तराखंड पुलिस के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो फैसले के पालन के लिए कम से कम 10 हजार पुलिसकर्मियों की और जरूरत होगी।

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