[etah] - सीएम की सुरक्षा में चूक, हेलीपेड छोड़ खेत में उतरा हेलीकाप्टर

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कासगंज।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकाप्टर फरौली गांव में तैयार किए गए हेलीपेड पर नहीं उतर पाया। हेलीकाप्टर के पायलट ने आसमान में उड़ान भरते हुए कई बार हेलीकाप्टर को निर्धारित स्थान पर उतारने की कोशिश की, लेकिन दुर्घटना की आशंका को देखते हुए फिर हेलीकाप्टर ने उड़ान भर ली। पास के ही एक प्लेन खेत में हेलीकाप्टर उतारना पड़ा।

मंगलवार को सुबह 10:40 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकाप्टर जैसे ही आसमान में मंडराया तभी हेलीकाप्टर देखकर पुलिस ने स्मोक फायर किया। स्मोक फायर देखकर पायलट ने हेलीपेड पर उतरने के लिए आसमान में कई चक्कर काटे। एक बार तो हेलीकाप्टर काफी नीचे आ गया। इसी बीच पायलट को लगा कि हेलीकाप्टर की टेल पीछे बने भवन से टकरा सकती है। ऐसी स्थिति को देखते हुए पायलट ने फिर से उड़ान भर ली और कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर गांव के ही एक प्लेन खेत में हेलीकाप्टर उतारना पड़ा। ऐसी स्थिति देखकर एडीजी, डीएम, डीआईजी, एसडीएम सहित सभी अफसर, पार्टी के नेता, एनएसजी कमांडो और पुलिसकर्मी सभी खेत की ओर दौड़ पड़े। सुरक्षा को लेकर अफसरों के पसीन छूट गए। मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर से बाहर निकले और पैदल ही गांव की ओर चलने लगे। अफसर भी घबराए हुए थे। काफी भीड़ भी एकत्रित होने लगी। सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने जैसे तैसे भीड़ पर नियंत्रण किया। वे पैदल ही फरौली गांव में तूफान प्रभावित परिवारों से मिले और तूफान से क्षतिग्रस्त मकान को भी देखा। इसके बाद वह कार से कस्तूरबा विद्यालय पहुंचे जहां डकैती पीड़ितों से मुलाकात की। हेलीकाप्टर के उतरने में हुई चूक की सूचना पायलयट ने लखनऊ कंट्रोल को दी।

जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि शासन के स्तर से इसकी जांच की जा रही है। प्रमुख सचिव को जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि अच्छा स्थान देखकर अधिकारियों ने कस्तूरबा विद्यालय के बाहर हेलीपेड बनाने का निर्णय लिया था। सुबह के समय सीएम सिक्योरिटी के अफसरों ने भी इसे ठीक बताया। रिपोर्ट शासन को दी गई है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सोमवार को लखनऊ की मीटिंग में थे। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगते ही वे देर रात कासगंज पहुंचे। इससे पहले सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।

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