[jhansi] - मंडल में 59 लाख पौधे रोपे जाएंगे

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मंडल में 59.28 लाख पौधे रोपे जाएंगे। चार अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत होने वाला पौधरोपण केवल रस्म अदायगी नहीं रहेगा, बल्कि तीन साल तक पौधों की देखरेख होगी, जिससे पौधे जीवित रह सकें। मंडल के तीनों जिलों में पौधरोपण का लक्ष्य तय कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था जिलाधिकारी तय करेंगे। त्रिस्तरीय पंचायतें और संबंधित विभाग इसमें शामिल होंगे। ललितपुर जिले की पहाड़ियों पर पौधरोपण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना

मुख्यमंत्री कृषक धन योजना के अंतर्गत मनरेगा के जॉब कार्डधारकों की निजी जमीन की मेड़ पर पौधे लगाए जाएंगेे। अनुसूचित जाति, जनजाति, घुमंतू जनजाति, गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले दिव्यांग, महिला प्रधान वाले परिवार, प्रधानमंत्री और इंदिरा आवास के लाभार्थी, अन्य वनवासी जातियों के लोग और लघु एवं सीमांत किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और जरूरत के मुताबिक पौधरोपण करा सकते हैं। दो सौ पौधों की एक परियोजना होगी, जिसमें एक से दस पात्र शामिल हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना

मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना के अंतर्गत खेतों के किनारों पर फलों के पौधे रोपे जाएंगे। पात्र इसमें भी कृषक वृक्ष धन योजना वाले होंगे। आम, अमरूद, नींबू, करौंदा, आंवला व बेर जैसे मौसम के अनुकूल पौधे रोपे जाएंगे। 1,101 पौधों, 400 पौधों, 277 पौधों और 100 पौधों की परियोजनाओं की कैटेगरी तय की गई है, इसमें पेड़ लगाने के लिए जगह की दूरी मुख्य आधार होगा। पौधों की देखरेख तीन साल तक की जाएगी। यह जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होगी। इस योजना में भी एक से दस लोग शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना

मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना का लाभ कोई भी व्यक्ति ले सकता है। इसमें कहीं पर भी पौधरोपण कराया जा सकता है। किसी सड़क के किनारे, नहर के किनारे, शवदाह गृह, आंगनबाड़ी केंद्र, छात्रावास, ग्राम समाज की जमीन या सार्वजनिक जमीन पर पौधे रोपे जाएंगे। सड़क किनारे दो सौ पौधे, नहर के किनारे चार सौ पौधे और सामुदायिक स्थल पर 625 पौधे प्रति हेक्टेयर लगाने की एक परियोजना होगी। यह परियोजना भी कम से कम तीन साल चलेगी। नीम, करंज, शीशम, सागौन, पीपल, पाकड़ व बरगद के पौधे रोपे जाएंगे।

एक वृक्ष एक योजना

एक वृक्ष एक योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसे पौधरोपण कराने में रुचि हो या किसी के प्रेरित करने से कोई पौधरोपण करना चाहता है तो वह इस योजना में सहयोग दे सकता है। इसके लिए खाली पड़ी आवासीय भूमि पर प्रेरित करके पौधरोपण कराया जाएगा। यदि व्यक्ति पौधरोपण करना चाहता है और उसके पास जमीन नहीं है तो वह 150 रुपये प्रति पौधा के हिसाब से सहयोग दे सकता है। निजी भूमि पर पौधे लगाए जाएंगे। इसमें स्मृति वन बनाए जाएंगे। यदि कोई ट्री गार्ड भेंट करना चाहता है तो दो हजार रुपये का सहयोग करना पड़ेगा।

आज होगी बैठक

मंडल में 59.28 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य है। झांसी जिले में सबसे कम 6.99 लाख, ललितपुर में 18.22 लाख और जालौन में 34.62 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य है। पौधरोपण की तैयारियों के संदर्भ में 17 मई को बैठक होनी थी, लेकिन अब यह बैठक आज बुधवार को शाम 4.30 बजे से मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होगी।

  • अशोक कुमार, वन संरक्षक/ क्षेत्रीय निदेशक

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