[kaithal] - चार राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था के डेरे की गद्दी को लेकर विवाद में नहीं हो पाया फैसला

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नहीं सुलझा डेरे की गद्दी का विवाद, महापंचायत में नहीं पहुंचे तहसीलदारदो संतों को गद्दी पर बैठाने के लिए दो पक्षों में बंटे गांव के लोग, भारी तनाव, पुलिस बल तैनात अमर उजाला ब्यूरो कैथल। गांव बाबा लदाना में चार राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था के डेरे राजपुरी डेरे की गद्दी को लेेकर गांव के दो पक्षों में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूरा गांव में दो महंतों को गद्दी पर बैठाने को लेकर दो पक्षों में बंटा हुआ है। इस कारण गांव में तनाव के चलते पुलिस बल तैनात किया गया है। मंगलवार को होने वाली महापंचायत के लिए तहसीलदार के न पहुंचने के कारण फैसला नहीं हो पाया। साथ महापंचायत में केवल एक ही पक्ष पहुंचा था। विदित रहे कि गद्दी पर विराजमान महंत दूजपुरी पर करीब 15 दिन पहले एक श्रद्धालु के साथ मारपीट का आरोप लगने के बाद गांव के एक पक्ष ने दूसरे महंत प्रेमपुरी को गद्दी को बैठा दिया था। इस पर डीसी के निर्देशों के तहत मंगलवार को तहसीलदार की अगुवाई में गद्दी को लेकर महापंचायत के माध्यम से फैसला होना था। मंगलवार सुबह एक पक्ष तो महापंचायत के लिए आ गया, लेकिन दूजपुरी के पक्ष के ग्रामीण इस महापंचायत में नहीं पहुंचे और तहसीलदार भी नहीं पहुंच पाए। महापंचायत के लिए पहुंचे लोग दोपहर तक तहसीलदार का इंतजार करते रहे। लेकिन वह नहीं पहुंचे। महंत से नहीं मिलने दिया पुलिस नेयहां महापंचायत के लिए पहुंचे एक पक्ष के लोगों ने एसएचओ से बाबा दूजपुरी से मिलकर उन्हें यहां से जाने की अपील करने के लिए अनुमति मांगी। लेकिन एसएचओ ने कहा कि कि डीसी ने तहसीलदार को इसके लिए नियुक्त किया है। डीसी के आदेशों का उल्लंघन नहीं कर सकते। एक दिन और प्रतीक्षा करें। उन्होंने यह कर लोगों को बाबा दूजपुरी से मिलने से इनकार कर दिया। महंत को बैठाने की सिफारिश प्रशासन को लिखित में दीडेरे की गद्दी की विवाद पर पिछले सप्ताह भी दोनों पक्ष के बीच पंचायत हुई। लेकिन इसमें भी कोई बात नहीं बनी थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने ही अलग अलग महंत को गद्दी पर बैठाने की सिफारिश प्रशासन को लिखित में दी थी। वहीं महंत दूजपुरी ने कहा कि वह डेरे में महज 14 वर्ष की आयु में यहां डेरे में आया था। इसके बाद गांव के लोगों ने ही अपनी सहमति से इस गद्दी पर बैठाया था। उन्हें गद्दी संभाले पांच वर्ष हो चुके हैं। उन पर आज तक कोई आरोप नहीं लगा है। अब गांव के लोग ही उनसे गद्दी वापस लेना चाहते थे तो वे महापंचायत के फैसले का सम्मान करेंगे। पंचायत का फैसला सर्वमान्य होगा। एसएचओ मनीष कुमार ने कहा कि अभी विवाद नहीं सुलझा है। गांव में पुलिस तैनात है। मंगलवार को तहसीलदार को आना था। लेकिन वे किसी कारणवश नहीं पहुंच पाए। तहसीलदार रविंद्र मलिक ने कहा कि वे कोर्ट व मुआवजा बांटने में व्यस्त थे। इसीलिए वे गांव बाबा लदाना में नहीं पहुंच पाए। दशहरे से अगले दिन लगता है डेरे में विशाल मेलाइस डेरे में दशहरे से अगले दिन त्रिल मेला लगता है। हरियाणा ही नहीं पंजाब, राजस्थान, दिल्ली व चंडीगढ़ से लाखों की संख्या में लोग पहुंच कर बाबा राजपुरी की आराधना करते हैं। स्वामी विवेकानंद के गुरु स्वामी परमहंस के गुरु स्वामी तोतापुरी महाराज की समाध भी इसी डेरे मेंडेरे में स्वामी विवेकानंद के गुरु स्वामी परमहंस के गुरु स्वामी तोतापुरी जी की समाधि भी इस डेरे में बताई जाती है। कई विशेषज्ञ इसी तथ्य की खोज में कई बार डेरे में आ चुके हैं।

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