[kaithal] - 3 बाद हुआ फैसला, किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार की दर से ठेकेदार को अदा करने होंगे 5 लाख 40 हजार

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डंपिंग यार्ड के कचरे में लगी आग से फसल जली तो किसानों को मिलेगा मुआवजा23 दिन बाद हुआ फैसला, किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार की दर से ठेकेदार को अदा करने होंगे 5 लाख 40 हजार 72 हजार रुपये फानों के नुकसान के लिए, 12 हजार 800 रुपये प्रति एकड़ फसल जलने पर सरकार भी देगी मुआवजा, तीन माह में हटाना होगा डंपिंग यार्ड गांव खुराना रोड पर बनाए गए डंपिंग यार्ड के विरोध में धरना दे रहे किसानों का प्रशासन के साथ हुआ समझौता अमर उजाला ब्यूरो कैथल। पिछले 23 दिन से गांव खुराना रोड पर धरना दे रहे किसानों का मंगलवार को प्रशासन के साथ समझौता हो गया। इसमें तय हुआ है कि डंपिंग यार्ड में कचरा डालने वाले ठेकेदार को आग लगने के कारण प्रति एकड़ 20 हजार रुपये मुआवजा फसल जलने पर व 3 हजार रुपये प्रति एकड़ फाने जलने पर किसानों को देनी होगी। 12 हजार 800 रुपये की राशि सरकार की ओर से अलग से दी जाएगी। साथ ही तीन माह में प्रशासन डंपिंग यार्ड को यहां से शिफ्ट करने का काम भी करेगा। इसके साथ ही किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। विदित रहे कि गेहूं के सीजन में डंपिंग यार्ड में लगी आग के चलते किसानों की खड़ी फसल जल गई थी और फाने भी जल गए थे। किसानों ने जाम लगाकर विरोध किया था। साथ ही इस मामले में डंपिंग यार्ड को ही यहां से हटाने की मांग शुरू कर दी। किसान पिछले 23 दिनों से खुराना रोड स्थित ड्रेन के निकट धरने पर बैठे हुए हैं। तभी से डंपिंग यार्ड में कचरा नहीं डालने दिया जा रहा। मंगलवार को डीसी के साथ तय बैठक में भाग लेने के लिए भारतीय किसान यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल लघु सचिवालय पहुंचा। वहां प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने बताया कि डीसी के निर्देश पर एक पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इसकी देखरेख में मुआवजा राशि बांटी जाएगी। इस कमेटी में सुखपाल कुलतारन, रामसिंह खुराना, तहसीलदार, पटवारी, नगर परिषद सचिव कुलदीप मलिक आदि है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल का मुआवजा बीस हजार रुपये प्रति एकड़ व तीन हजार रुपये फाने या तूड़ी के ठेकेदार से दिलवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार से किसानों को 12800 रुपये मुआवजा राशि भी मिलेगी। डंपिंग यार्ड मामले के बारे में उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए तीन माह का समय मांगा है। डीसी सुनीता वर्मा ने भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों को आश्वासन दिया कि तीन माह के अंदर उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। इस पर किसान सहमत हो गए। तब तक यहां कचरे का पूरे नियमानुसार निस्तारण भी किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन द्वारा महेंद्र सिंह टिकैत किसान नेता की पुण्यतिथि मनाई गई और उनके आदेशों को भी याद किया गया। इस मौके पर भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखपाल मोठसरा, जिला अध्यक्ष रामसिंह खुराना, जिला संरक्षक करनाल महताब कादयान, जिला प्रवक्ता करनाल सुरेंद्र सांगवान, प्रदेश प्रवक्ता सतपाल दिल्लोवाली, अमृत लाल पंच कालूवाली गामड़ी, धर्मपाल कुलतारन, अनिरुद्ध जिंदल, प्रेमसिंह शाहपुर, वेद संागवान प्रदेश उपाध्यक्ष मौजूद रहे। ऐसे मिलेगा मुआवजागांव खुराना सहित डंपिंग यार्ड के आसपास के एरिया में करीब 27 एकड़ फसल जली थी। इसके लिए ठेकेदार को 5 लाख 40 हजार व 24 एकड़ फानों के लिए 3 हजार प्रति एकड़ की दर से 72 हजार रुपये का मुआवजा देना होगा। साथ ही सरकार से 12 हजार 800 प्रति एकड़ फसल जलने पर अलग से मिलेगा।

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