[kangra] - अधिकारी की पत्नी की तीन माह से रजिस्ट्र में लग रही हाजिरी

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अधिकारी की पत्नी की तीन महीने से रजिस्टर में लग रही हाजिरीरसूख के आगे नियम ताक पर रख कर लगाई जा रही हाजिरी अस्थाई तौर पर समायोजित, स्थायी नियुक्ति भी नहीं दे रहा विभाग राकेश भारद्वाज धर्मशाला। शिक्षा विभाग के कार्यालय में सेवाएं दे रही कांगड़ा जिला के एक बड़े अधिकारी की पत्नी की हाजिरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारी के रसूख को देखते हुए उनकी हाजिरी बायोमीट्रिक के बजाए रजिस्टर पर लगाई जाती है। वहीं, वे तीन माह से बिना पद के ही कार्यालय में सेवाएं दे रही हैं। अस्थायी तौर पर समायोजित हुई अध्यापिका को तीन माह बीत जाने के बाद भी किसी भी स्कूल में स्थायी तौर पर नियुक्ति नहीं दी गई है। इससे प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग और अधिकारियों के शिक्षा की गुणवत्ता के लिए किए जा रहे वायदे खोखले नजर आ रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो शिक्षा विभाग में बायोमीट्रिक में हाजिरी आधार नंबर के आधार पर लगती है। कर्मचारियों का डाटा विभाग के पास सुरक्षित है। ऐसे में तबादला होने पर अधिकारी और कर्मचारी दूसरे स्थान पर आधार नंबर अपलोड कर अपनी हाजिरी बायोमीट्रिक से लगा सकते हैं। वहीं, यदि अधिकारी और कर्मचारी का डाटा सुरक्षित न हो, तो पांच मिनट में उनका डाटा बायोमीट्रिक में फीड किया जा सकता है, लेकिन शिक्षा विभाग के कार्यालय में अधिकारी के रसूख को देखते हुए तीन माह से न ही अध्यापिका को किसी स्कूल में स्थायी नियुक्ति दी गई है, न ही कार्यालय में उनसे कोई काम लिया जा रहा। इतना ही नहीं उनकी हाजिरी भी रजिस्टर में लगाई जा रही है। उधर, कार्यालय के सुपरिंटेडेंट ग्रेड-1 बलदेव कल्याण ने बताया कि कार्यालय में बायोमीट्रिक खराब पड़ी है। इसके चलते कर्मचारियों की हाजिरी रजिस्टर में लग रही है। वहीं अध्यापिका का डाटा बायोमीट्रिक में अपलोड नहीं हो पा रहा है। इस कारण उनकी हाजिरी रजिस्टर में ही लगाई जा रही है।

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