[kangra] - दर्जा जोनल अस्पताल का, पांच ओपीडी बंद

  |   Kangranews

जोनल अस्पताल में एक साथ पांच ओपीडी बंदस्वास्थ्य सेवाओं का सच : अल्ट्रासाउंड, गायनी, आर्थो, नेत्र और ईएनटी ओपीडी में लटके तालेसिर्फ सामान्य जांच तक सिमटा धर्मशाला अस्पताल का कामअमर उजाला ब्यूरोधर्मशाला। सूबे की दूसरी राजधानी और स्मार्ट सिटी धर्मशाला में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप होने की कगार पर हैं। हालत यह है कि जोनल स्तर के अस्पताल में एक साथ पांच ओपीडी बंद पड़ी हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग बेहतर सुविधा देने के दावे करता है। बिना डॉक्टर कैसे बेहतर सुविधा मुहैया करवाई जा रही है, यह अपने आप में प्रश्न है। कांगड़ा जिला से स्वास्थ्य मंत्री होने और धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री हैं, बावजूद इसके लोगों को जोनल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड तक की सुविधा नहीं मिल रही है। मंगलवार को धर्मशाला अस्पताल में एक साथ पांच ओपीडी बंद रहीं। मंगलवार को अल्ट्रासाउंड, गायनी, आर्थो, नेत्र और ईएनटी ओपीडी पर ताले लटके रहे। जांच करवाने आए मरीजों को सामान्य जांच के लिए अन्य ओपीडी में भेजा रहा था। धर्मशाला अस्पताल में चिकित्सकों के 37 पद सृजित हैं, जिसमें 17 पद रिक्त चल रहे हैं। गायनी, आर्थो में कोई चिकित्सक नहीं है, जबकि अल्ट्रासाउंड, नेत्र और ईएनटी विशेषज्ञ अन्य कामों के चलते अस्पताल में सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। इन पांचों ओपीडी में प्रतिदिन के लगभग 400 से 600 के बीच मरीज उपचार करने के लिए आते हैं।निदेशालय को दे दी है रिक्त पदों की जानकारीधर्मशाला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार महाजन ने कहा कि निदेशालय को रिक्त पदों के बारे में अवगत कर दिया है। ईएनटी, नेत्र रोग और अल्ट्रासाउंड के चिकित्सा अवकाश पर हैं। दोपहर दो बजे के बाद अल्ट्रासाउंड हुए हैं।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/gP2U0AAA

📲 Get Kangra News on Whatsapp 💬