[karnal] - स्कूल बस से उतारते वक्त सहायक मोबाइल पर कर रहा था बात, बच्चे को बस ने कुचला

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अमर उजाला ब्यूरोइंद्री (करनाल)। गांव जड़ौली में एक स्कूल बस ने पांच वर्षीय बच्चे को कुचल दिया, यह हादसा बस सहायक और ड्राइवर की लापरवाही के कारण हुआ, क्योंकि जब बस सहायक बच्चे को बस से नीचे उतार रहा था तो वह मोबाइल पर बात कर रहा था। वह बच्चा बस के सामने से गुजरने लगा तो बस ड्राइवर ने भी लापरवाही से बस चला दी और बच्चा बस के पीछे वाले पहिए के नीचे आ गया। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन ग्रामीणों ने उसे दूसरे गांव से पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई भी की। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची गई, लेकिन इस बड़ी घटना के घटने पर कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। न पुलिस ने बस को कब्जे में लिया और न ही बस सहायक और चालक को। इतनी बड़ी घटना होने पर भी परिजनों द्वारा शिकायत न देना यह साबित करता है कि बुमन के परिजनों पर स्कूल की तरफ से दबाव बनाया हुआ है। पुलिस का कहना है कि परिजन कोई कार्रवाई नहीं कराना चाहते। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम किए बच्चे के शव का संस्कार कर दिया।घटना से दस मीटर की दूर पर काम कर रहा था बच्चे का पिताजड़ौली गांव निवासी संजय का बुमन छोटा बेटा था, इससे बड़ा एक और बेटा दस वर्षीय हरीश है। ये दोनों भाई बाबा राम दास विद्यापीठ कलवेड़ी में पढ़ने जाते जाते थे। बुमन यूकेजी कक्षा में पढ़ता था। घर से करीब 150 मीटर दूरी पर स्कूल की बस उन्हें लेने के लिए आती है। मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे स्कूल बस बुमन सहित चार बच्चों को छोड़ने के लिए आई। इस दौरान तीन बच्चे को बस से उतर गए, तो बस सहायक ने मोबाइल पर बात करते हुए बुमन को भी बस से उतार दिया। बुमन को घर से लेने के लिए कोई नहीं आता था, बुमन का पड़ोसी ही बुमन को घर ले जाता था। बुमन बस से उतरकर बस के आगे से जाने लगा तो उसी दौरान चालक ने बस चला दी और बुमन बस के नीचे आ गया। घटना स्थल से करीब दस मीटर की दूरी पर ही बुुमन का पिता खेती काम कर रहा था। इस घटना के बारे में जब स्कूल की प्रिंसिपल नीनू आहुजा से बात की तो उन्होंने कहा कि वह बच्चे के घर आई हुई हैं। इस बारे में बाद में बात करूंगी, इस वक्त बात नहीं कर सकती।जड़ौली गांव में स्कूल बस की चपेट में आने से बच्चे की मौत होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। वहां परिजनों ने कार्रवाई कराने से मना कर दिया। इस लिए उनके कब्जे में न स्कूल बस है और न ही बस सहायक और चालक हैं।-प्रवीण, एएसआई, जांच अधिकारी।

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