[mainpuri] - 19 वर्ष बाद बन रहा ज्येष्ठ में अधिक मास का अनोखा योग

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मैनपुरी। ज्येष्ठ के महीने में 19 वर्ष बाद अधिक मास का योग बन रहा है। अधिक मास का शुभारंभ आज से होने जा रहा है। अधिक मास 16 मई से लेकर 13 जून तक चलेंगे। इस दौरान भक्ति भाव कार्यक्रमों की संख्या बढ़ेगी वहीं मांगलिक कार्यक्रम पूरी तरह से बर्जित रहेंगे।

आचार्य रामानंदन बताते हैं कि वर्ष 1999 में ज्येष्ठ मास में अधिक मास का योग बना था।

उसके 19 वर्ष बाद अब 2018 में अधिक मास का योग बन रहा है। उन्होंने बताया कि अधिक मास को पुराणों में पुरुषोत्तम मास और मल मास भी कहते हैं। जिस मास में सूर्य संक्रांति नहीं होती है, वह अधिक मास कहलाता है। चंद्रमा और सूर्य के चक्र के अंतर से मास का योग बनता है। हर तीन वर्ष के अंतराल में अधिक मास आता है। इस वर्ष 16 मई से 13 जून तक अधिक मास का समय रहेगा। अधिक मास में ही 24 मई को गंगा दशहरा का पर्व पड़ रहा है।

अधिक मास के कारण इस वर्ष देव शयनी एकादशी नौ जुलाई को पड़ेगी। अधिक मास के दौरान जनपद के लोग काशी, गया, मथुरा, व़ृंदावन, ब्रद्रीनाथ, केदारनाथ, अमरनाथ, कैलाश मान सारोवर, कैंचीधाम आदि की यात्रा पर निकलेंगे। आचार्य रामानंदन बताते हैं कि दैत्य राज हिरण्य कश्यप ने भगवान शंकर से बरदान प्राप्त कर लिया कि वह न दिन में मरे, न रात में मरे और न ही वर्ष के 12 मास में मरे।

बरदान प्राप्त करने के बाद हिरण्य कश्यप अत्याचार करने लगा। उसके बध के लिए भगवान विष्णु को अधिक मास की स्थापना करनी पड़ी। और अधिक मास में हिरण्य कश्यप का भगवान ने नर सिंह अवतार लेकर बध किया। आचार्य रामानंदन के अनुसार अधिक मास में व्रत, उपवास, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन, मनन की दिनचार्या बनाएं। पौराणिक संस्कृति के अनुसार इस मास में श्रीमद भागवत पुराण, विष्णु पुराण, भविष्योत्तर पुराण आदि का श्रवण, पाठन व मनन फलदाई होगा।

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