[meerut] - छबडिया में फिर टूटा राजबाहा-लाखों रुपये का हुआ नुकसान-दर्जनभर घरों में अंदर पानी घुंसा

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सरधना। कई दिन से ओवर फ्लो चल रहा रजवाहा छबड़िया गांव में मंगलवार रात में टूट गया। इसके चलते दर्जनभर घरों और सैकड़ों बीघा फसलों में पानी घुस गया। दहशत के चलते ग्रामीणाें ने घरों के बाहर रात काटी। एक किसान का भैंसा पानी में डूबकर मर गया। ग्राम प्रधान जानकारी पाकर रात करीब दो बजे मौके पर पहुंचे और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन लगाया परंतु उन्होंने समस्या नहीं सुनी। इस पर ग्राम प्रधान ने एसडीएम और तहसीलदार से शिकायत की तब बुधवार सुबह पानी बंद कराया गया। ग्राम प्रधान ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की। ग्रामीणों ने एलान किया कि जब तक कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक टूटी पटरी को दुरुस्त नहीं करने दिया जाएगा।सलावा झाल से शुरू हुआ रजवाहा झिटकरी-छबड़िया और सरूरपुर क्षेत्र के लिए है। छबड़िया में रजवाहा बंधाई का होने के कारण गांव एवं जंगल नीचे में हैं। रजवाहे की पटरी काफी ऊंची है। यदि रजवाहा ओवर फ्लो हो जाता है तो पानी सीधा घरों में घुस जाता है। झिटकरी-छबड़िया में अक्सर रजवाहा ओवरप्लो होने की स्थित बनी रहती है। एक सप्ताह पूर्व भी छबड़िया में घरों में पानी जा घुसा था। इसकी शिकायत ग्रामीणों के साथ ग्राम प्रधान ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी। बीती मंगलवार देर रात गुरुद्वारा और तालाब के निकट रजवाहा ओवर फ्लो हो जाने के कारण गांव की तरफ की पटरी टूट गई और पानी बस्ती में जा घुसा। रात करीब दो बजे एक दर्जन से अधिक मकानों में पानी जा घुसा। इससे दहशत में आए लोग घरों से बाहर निकल आए। यहां रणजीत, पिंटू, बॉबी, मुन्नी, सीटू, बलजोर, नरेश, रामवीर, सुुरेश समेत काफी संख्या में ग्रामीणों ने रात खुले में बिताई। ग्राम प्रधान ज्ञानेंद्र जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने का प्रयास किया। आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया। जिन्होंने फोन रिसीव किया उन्होंने बात पूरी नहीं सुनी। ग्राम प्रधान ने बुधवार सुबह एसडीएम राकेश कुमार सिंह एवं तहसीलदार से शिकायत की। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रजवाहे का पानी बंद कराया। लोगों का कहना है कि जिस जगह रजवाहा टूटा यदि उसके समीप तालाब न होता तो आधा गांव पानी में डूब जाता। इस दौरान मकानों को नुकसान हुआ। वहीं, एक किसान का भैंसा मर गया। ग्रामीणों ने खुद ही बुग्गी आदि पानी में डालकर बहाव को गांव में जाने से रोका। ग्राम प्रधान ने थाने और तहसील पहुंचकर संबंधित सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से कई लाख रुपये का ग्रामीणों का नुकसान हुआ है। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है। ग्राम प्रधान ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त, डीएम, एसडीएम, थानाध्यक्ष को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। छबड़िया गांव से शिकायत मिली है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।-राकेश कुमार सिंह, एसडीएम सरधनामुख्य बातेंगांव में दर्जनभर घरों में पानी घुसा, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्नसिंचाई विभाग के अफसरों ने नहीं सुनी शिकायतएसडीएम और तहसीलदार ने सुबह में बंद कराया पानीग्राम प्रधान ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

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