[meerut] - यूपी: हादसों में बच्चे समेत चार की मौत, परिजनों में मचा कोहराम

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वेस्ट यूपी के तीन जिलों में बुधवार सुबह कई बड़े हादसे हो गए, जिनमें दो बच्चे सहित चार लोगों की मौत हो गई। जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं टक्कर लगने से एक भैंसे की भी मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद गुस्साए लोगों ने हंगामा कर रोड जाम कर दिया।

बिजनौर के धामपुर में शुगर मिल में गन्ना डालकर लौट रही ट्रैक्टर-ट्राली और टेंपो की टक्कर में टेंपो सवार महिला और दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो महिलाएं घायल हो गईं। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग के लिए नूरपुर मार्ग पर चार घंटे तक जाम लगाया। चीनी मिल के अधिकारियों ने पीड़ितों को आश्वासन देकर जाम खुलवाया। उधर, इस दौरान जाम में फंसे कई लोगों की गर्मी के कारण हालत बिगड़ गई।

बुधवार सुबह करीब आठ बजे ईदगाह मार्ग निवासी मुख्तार अहमद की पत्नी फरजाना (45) परिजनों के साथ अपने मायके बढ़ापुर जाने के लिए घर से चली। ये सभी नींदडू़ से धामपुर के लिए टेंपो में सवार हो गए। टेंपो को अंथाई शेख का गुल्लू चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब टेंपो जैतरा में एक विवाह मंडप के पास पहुंचा तो धामपुर शुगर मिल में गन्ना डालकर आ रही छह पहिया ट्रॉली को खींच रहे ट्रैक्टर की टेंपो से टक्कर हो गई।

हादसे के बाद ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर गड्ढे में जा गिरी। ट्रैक्टर-ट्राली भी अंथाई शेख की है। मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस बीच टेंपो और ट्रैक्टर के चालक मौके से फरार हो गए। हादसे में फरजाना (45), उसका बेटा शाहजैब (पांच), बहन की नवासी जू़बी (आठ) पुत्री काशिफ की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। जबकि शाहिदा, फरीदा गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। सूचना पर पहुंचे रिश्तेदार और ग्रामीणों ने पूर्वाह्न आठ बजे धामपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राज मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस के साथ सीओ अर्चना सिंह, एसडीएम आजाद भगत सिंह, कोतवाल शक्ति सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम लगा रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण इस तरह की बड़ी ट्रैक्टर-ट्रालियों को प्रतिबंधित करने और मृतक आश्रितों को मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए।

समझौता वार्ता के बाद खुला जाम

जाम और हंगामे के दौरान एसडीएम आजाद भगत सिंह, सीओ अर्चना सिंह ने शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक आजाद सिंह, जीएम प्रशासन विजय गुप्ता को थाने बुलाया। पीड़ित पक्ष के लोगों के साथ उनकी वार्ता कराई। काफी देर चली वार्ता में अधिकारियों ने मृतक आश्रितों को दो-दो लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का लिखित समझौता किया। इसके बाद करीब 12 बजे जाम खोल दिया गया। जाम खुलने से वाहन चालक व यात्रियों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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