[pratapgarh] - कोटेदार और पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत से बने 123 अपात्र लोगों के राशनकार्ड निरस्त

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कंधई मधुपुर में लगी चौपाल के दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर मुख्यमंत्री की फटकार के बाद बड़े खेल का खुलासा हुआ है। कोटेदार और पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत से 123 अपात्रों को जारी किए गए राशनकार्डों को निरस्त कर दिया गया है। टै्रक्टर, लग्जरी गाड़ी से चलने वालों को भी गरीबों का राशनकार्ड जारी कर दिया गया था। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन के लिए 141, विधवा पेंशन के लिए 42 और दिव्यांग पेंशन के लिए 06 लाभार्थियों का चयन किया गया है।

जिले के मंगरौरा विकास खंड के कंधईमधुपुर गांव में मुख्यमंत्री ने 23 अप्रैल को चौपाल लगाकर डीएम शंभु कुमार से ग्रामीणों के आरोपों की जांच कराने को कहा था। डीएम ने 28 अप्रैल को सभी विभागों के अफसरों की मौजूदगी में चौपाल लगाकर गरीबों का दर्द सुना। डीएम की फटकार के बाद चेते अफसरों ने गांव में डेरा डालकर अपात्रों के साथ ही पात्रों की खोजबीन की। जांच में कोटेदार और पूर्ति निरीक्षक के खेल का खुलासा हुआ। पता चला कि 123 परिवार ऐसे हैं, जो अपात्र होते हुए भी गरीबों का राशन उठा रहे हैं।

इस पर उनका कार्ड निरस्त कर गरीबी का दंश झेल रहे 119 परिवारों को योजना में शामिल कर लिया गया है। आश्चर्य की बात तो यह रही कि सूबे में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद हुए सत्यापन में इन अपात्रों को पात्र बता दिया गया था। पेंशन के लिए भटकने वाले लाभार्थियों के घर विभागीय अधिकारियों ने पहुंचकर 141 वृध्दावस्था पेंशन, विधवा पेंशन 42 और दिव्यांग पेंशन के 06 लाभार्थियों का चयन किया है। इन लाभार्थियों को जल्द ही पेंशन मिनी शुरू हो जाएगी। गांव के पात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आावस मुहैया कराने की दिशा में सर्वे में 92 नए लाभार्थी का चयन किया गया है।

जबकि पूर्व में 126 लाभार्थियों को आवास प्रदान किया गया था। जबकि 276 लाभार्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। सोमवार को सीडीओ राजकमल यादव की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

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