[roorkee] - शिक्षा,स्वास्थ्य का निजीकरण गरीबों के हित में नहीं- राजरतन आंबेडकर

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लक्सर। द बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर राजरतन आंबेडकर ने कहा कि देश में शिक्षा और स्वास्थ्य का निजीकरण देशहित के लिए ठीक नहीं है। देश को कैशलेस की नहीं बल्कि कॉस्टलेस की इस समय ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग की जा रही है, लेकिन इससे पहले देश में जाति व्यवस्था को खत्म किया जाना बेहद जरूरी है। लक्सर में दलित समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर के प्रपौत्र डॉ. राजरतन आंबेडकर ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने देश में सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा का निजीकरण कर दिया है। इससे देश के गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों को इसका पूरी तरह लाभ नहीं मिल रहा है। देश का गरीब, पिछड़ा और दलित वर्ग आज भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहा है। सरकारी अस्पतालों में इलाज करवा रहा है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा तीन हजार सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया है, लेकिन इसी के साथ ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज और रायन इंटरनेशनल जैसे स्कूलों को मान्यता दी जा रही है। कार्यक्रम में विनोद तेजियांन, जगमाल सिंह, पंकज बौद्ध, चरण सिंह गौतम, रणवीर, नरेंद्र बौद्ध, विजय घोष, अश्व घोष, महेश, जोनी, दुलारी, दयावती, सरला, चंद्रवती आदि उपस्थित रहे। लंढौरा में भी बीआर आंबेडकर के प्रपौत्र डॉक्टर राजरतन का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में लक्ष्मीचंद वर्मन, राजू सिंह, गिरधारी लाल, मेहर चंद, ऋषिपाल आदि शामिल रहे।

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