[rudraprayag] - केदारनाथ में परिजनों से बिछुड़ रहे बच्चों के लिए मसीहा बनी पुलिस

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था बनाने में जुटी पुलिस पैदल मार्ग से लेकर धाम में बिछुड़ रहे बच्चों के लिए फरिश्ते के रूप में भी सामने आई है। यात्रा शुरू होने से अभी तक पुलिस ने 12 से अधिक बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया है। चौकी प्रभारी बिपिन चंद्र पाठक ने बताया कि लॉयन-1, लॉयन-2 और कॉम्बो नाम से तीन टीम गठित की हैं, जो रास्ते व धाम में अपने माता-पिता से बिछुड़ रहे बच्चों व अन्य को मिला रही है। बताया कि किसी यात्री के सामान खोने पर भी पुलिस उसकी खोजबीन कर लौटा रही है। बताया कि 11 मई को पानीपत (हरियाणा) निवासी 7 वर्षीय हिमांशु अपने माता-पिता और चाचा से पैदल मार्ग में बिछुड़ गया। इस दौरान बच्चा रो रहा था। पुलिस बच्चे को अपने साथ लाई और वायरलेस से संपर्क कर देर रात्रि बच्चे को परिजनों से मिलाया। वहीं 14 मई को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी 10 वर्षीय अनन्या दीक्षित और उसका छह वर्षीय भाई कंडी में धाम आ रहे थे। जबकि उनके माता-पिता पैदल चल रहे थे, लेकिन रामबाड़ा से आगे माता-पिता से बिछुड़कर दोनों बच्चे अंधेरा होने पर केदारनाथ पहुंचे। माता-पिता को न पाकर बच्चे रोने लगे, जिसके बाद उन्हें चौकी लाया गया और उनकी देखभाल की गई। इस बीच उनके माता-पिता की खोज भी कई। पता चलते ही परिजनों को कैंप लाया गया। इधर, पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि चौकी प्रभारी सहित 85 अधिकारी/जवान केदारनाथ में तैनात हैं। तीर्थयात्रियों की मदद के बाद जो प्रशंसा मिल रही है, उससे टीम का हौसला बढ़ा रहा है।

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