[una] - इन्हें नियमों की न अपनी जान की ही है परवाह

  |   Unanews

अमर उजाला ब्यूरो

ऊना।

नियम तोड़ने में ऊना की युवतियां भी पीछे नहीं हैं। वे भी बिना हेल्मेट दोपहिया वाहन दौड़ा रही हैं। यहां तक कि ट्रिप्पल राइडिंग से भी कोई गुरेज नहीं करती। बीच सड़क पर चालान से बचने के लिए युवतियां हंगामा भी कर रही हैं। इससे पुलिस भी बेबस है। पुलिस सख्ती के बाद भी जिला मुख्यालय पर स्कूली छात्राएं सरपट सड़कों पर स्कूटी दौड़ा रही हैं। हैरत की बात ये है कि न इनके पास हेल्मेट होता है, न कोई लाइसेंस।

हालांकि जिला पुलिस ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों से निपटने के लिए अब नंबरी चालान का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इस योजना को पूरी प्लानिंग के साथ लागू किया जा रहा है। सड़कों पर पूरा दिन कड़कड़ती धूप में खड़े होकर ड्यूटी देने वाले पुलिस कर्मियों को सबसे ज्यादा दिक्कत ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाती युवतियों, महिलाओं और नाबालिगों से पेश आ रही है। दो पहिया वाहन चलाते समय हेल्मेट न लगाना, न ट्रैफिक लाइट्स का पालन करना और न ही किसी अन्य नियम को मानना पुलिस के लिए सिरदर्द बनता जा रहा था। खासकर पकड़े जाने पर बीच सड़क हंगामा कर चालान से बच निकलने के रास्ते खोजना इसमें शामिल है। इन सबसे जहां पुलिस कर्मी ट्रैफिक व्यवस्थाओं को सुचारू रखने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, वहीं उन्हें कई तरह के रौब भी सहने पड़ते थे।

पुलिस अब कसेगी शिकंजा

पुलिस के नंबरी चालान करने के बाद अब पुलिस कर्मियों को ऐसी राइडर्स से उलझने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नियम तोड़ने वालों पर अब पुलिस ने कई आंखें गड़ा दी हैं। इसके तहत सोमवार को जिला भर में करीब 257 नंबरी चालान किए गए। इस मुहिम से बेखौफ चालकों को सबक सिखाने में भी आसानी रहेगी।

क्या कहते हैं एसपी

ऊना के एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नियम चाहे कोई भी तोड़े, पुलिस उन पर खिलाफ शिकंजा कसेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि ट्रैफिक नियमों का पालन करें। नाबालिग बच्चों को भी वाहन आदि न दें। वहीं महिलाएं भी यह बात समझें कि यातायात नियम उनकी अपनी सुरक्षा को पुख्ता करते हैं।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/b8QMmQAA

📲 Get Una News on Whatsapp 💬