[varanasi] - चिपटी गाडि़यों में कराहती रहीं जिंदगियां, बेबस दिखे मददगार

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वाराणसी। निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो बीम गिरने से नीचे दबी गाडि़यों में लोग घंटों कराहते रहे। मौके पर मौजूद लोग उनकी मदद करना चाह रहे थे, पानी पिला रहे थे लेकिन हजारों क्विंटल वजनी बीम पर किसी का वश नहीं चल रहा था। इस दौरान घायलों की जिंदगी से जद्दोजहद जारी रही और चिकित्सकीय मदद न मिलने के कारण तड़पते हुए सांस टूट गई। मौजूद लोग घायलों का तड़प कर मरना देख चीख रहे थे और पुलिस-प्रशासन को कोस रहे थे लेकिन कुछ कर नहीं पा रहे थे।निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर की दो बीम गिरने के बाद कैंट रेलवे स्टेशन से लहरतारा स्थित कैंसर अस्पताल के बीच मंगलवार शाम सवा साढ़े पांच बजे से रात 12 बजे के बाद तक अफरातफरी का माहौल रहा। चौतरफा मौजूद हजारों की भीड़ में मौजूद लोग बस यही पूछ रहे थे कि हादसा कैसे हुआ और दबे वाहनों के ऊपर से बीम को पुलिस और प्रशासन हटवा क्यों नहीं पा रहे हैं। इसे लेकर लोग पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से नोकझोंक पर उतारू हो रहे थे। पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ के साथ ही सेना के जवान गुस्साए लोगों को किसी तरह समझाबुझाकर शांत करा रहे थे।उधर, वसुंधरा और एईन कॉलोनी के सड़क किनारे बने मकानों की छतों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। छतों पर मौजूद लोग घटना की भयावहता के बारे में और राहत व बचाव कार्य में देरी पर पुलिस और प्रशासन को कोस रहे थे।

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