[varanasi] - लापरवाही और प्रशासनिक चूक बनी हादसे का कारण

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वाराणसी। चौकाघाट फ्लाईओवर हादसा लापरवाही और प्रशासनिक चूक के कारण हुआ है। इसका निर्माण शुरू होने से ही यहां लगातार सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती रही है। सेतु निगम की निगरानी में इसका निर्माण सितंबर, 2015 से शुरू कराया गया है। 2019 मार्च में इसे पूरा करना था लेकिन वाहनों के दबाव का हवाला देकर काम को अक्तूबर, 2019 में पूरा करने की मियाद बढ़ाई गई थी।कई बार प्रशासन को चेताया गया कि रूट डायवर्जन करके यहां निर्माण कराया जाए नहीं तो हादसा हो सकता है। हर समय इस मार्ग पर आवाजाही के बावजूद फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान न तो रूट डायवर्ट किया गया और न ही सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया। ताक पर सुरक्षा मानकों को रखकर हो रहे निर्माण में तकनीकी दिक्कत के चलते हादसा हुआ है।जानकारों की मानें तो जहां इस तरह का निर्माण होता है, उस पूरे इलाके को सील कर दिया जाता है। निर्माण कार्य से चार चार फीट दाएं-बाएं बैरिकेडिंग की जाती है। आवागमन को सीमित कर दिया जाता है। वहां लाल झंडे, लाल लाइट लगाई जाती हैं। यहां ऐसा सुरक्षा मानक नहीं थे। यही नहीं, जहां वाहनों का दबाव अधिक होता है, वहां रात में काम कराया जाता है। नियमानुसार दिन में काम वहीं कराना चाहिए, जहां जगह मिलती हो और किसी की जान के लिए खतरा न हो।---कोट--- निर्धारित अवधि में काम पूरा कराने का दबाव है। वाहनों को डायवर्ट करने के लिए कई बार जिला प्रशासन और यातायात विभाग से लेकर यातायात पुलिस से कहा गया। काफी संकरा रास्ता होने के साथ यहां काम चुनौतीपूर्ण है। घटना का कारण अभी समझ में नहीं आ रहा है।- केआर सूदन, परियोजना अधिकारी, उप्र सेतु निगम

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