[yamuna-nagar] - आवर्धन नहर टूटने से खेतों में भरा पानी, 10 एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद

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आवर्धन नहर टूटने से खेतों में भरा पानी, 10 एकड़ में खड़ी फसल बर्बादअमर उजाला ब्यूरोजठलाना। मंगलवार की तड़के लगभग चार बजे गांव अलाहर में आवर्धन नहर के पुल के पास की खस्ता हालत पटरी में दरार पड़ गई। दरार पड़ने से पटरी टूट गई। जिस कारण 10 एकड़ में खड़ी चेरी, उड़द, गोभी व अन्य फसलें बर्बाद हो गई। ग्रामीणों द्वारा मामले की सूचना नहरी विभाग के अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद नहरी विभाग की ओर से जेई अरूण कुमार कर्मचारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। विभाग के कर्मचारियों ने लगभग 6 घंटे की मशक्कत के बाद पुल के पास से लीक हुई नहर को मिट्टी के कट्टों से बंद किया। जबकि नहर की पटरी को जेसीबी से मिट्टी डालकर बंद किया गया। पटरी टूटने से गुस्साएं गांव के किसानों ने नहरी विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण पवन कांबोज, रमेश, राजेश, बलिन्द्र, जोगिन्द्र, सरपंच कृष्ण गोपाल आदि ने बताया कि आवर्धन नहर की पटरी जगह-जगह से खस्ता हालत में है। पहले भी नहर की पटरी कई बार टूट चुकी है। इसके बावजूद नहरी विभाग की ओर से क्षमता से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। जिस कारण नहर हर वर्ष कहीं न कहीं से टूट जाती है। उन्होंने बताया कि नहर की पटरी टूटने से लगभग 3 एकड़ में खड़ी रमेश व राजेश की चेरी की फसल नष्ट हो गई है। एक एकडं में खड़ी बलिन्द्र की चेरी व उड़द नष्ट हो गए हैं। मानसिंह का एक एकड़ में खड़ा ढैंचे की फसल बर्बाद हो गया है। प्रभावित किसानों ने बताया कि अलाहर पुल के पास से कुछ दिन पहले नहर की पटरी लीक हुई थी। जिसकी शिकायत नहरी विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। जिसके बाद अधिकारियों ने लीक हुई नहर की मरम्मत करवा दी थी। कुछ दिन बाद फिर नहर लीक हुई। शिकायत की गई मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस कारण मंगलवार की सुबह पुल के पास से पटरी टूट गई। किसानों ने बताया कि पटरी टूटने से प्रभावित कई किसानों के खेतों में कई कई फुट रेत चढ़ गया है। किसानों ने नहरी विभाग से प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजे की मांग की है। पहले भी दो बार टूट चुकी है आवर्धन नहर आवर्धन नहर में नहरी विभाग द्वारा क्षमता से अधिक पानी छोडे़ जाने से अब तक 3 बार नहर ठसका पावर प्लांट के पास, पालेवाला में व अलाहर में खस्ता हालत के कारण टूट चुकी है। हर बार नहर की पटरी टूटने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। पहले 15 नवंबर 2012 को भी नहर की पटरी गांव ठसका में सुबह 4 बजे किसान जसबीर सिंह पेंटर के खेतों के पास टूटी थी। उस समय भी किसानों को भारी नुकसान हुआ था। जिसके बाद नहरी विभाग की ओर से प्रभावित किसानों को लाखों रुपये मुआवजा दिया गया था। उसके बाद गांव पालेवाला के पास नहर की खस्ता हालत पटरी 12 अप्रैल 2015 में सुबह चार बजे टूट गई थी। अब तीसरी बार 15 मई को नहर की पटरी अलाहर गांव के पास से टूटी है। हर बार खस्ता हालत नहर में क्षमता से अधिक पानी छोडे़ जाने पर पटरी टूटी है। इसके बावजूद नहरी विभाग क्षमता से अधिक पानी नहर में छोड़कर नहर की पटरी को तोड़ने का काम कर रहा है। ठसका पावर प्लांट बना किसानों के लिए मुसीबत सरकार द्वारा आवर्धन नहर पर बिजली बनाने के लिए पावर प्लांट लगाया गया है। पावर प्लांट के कारण आवर्धन नहर में पानी अधिक छोडा जा रहा हेै। ताकि बिजली बनाई जा सके। किसान श्रीपाल, मनोजराणा, पवन राणा, सरपंच अलाहर गोपाल कृष्ण, रमेश, राजेश, जोगिन्द्र आदि ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल ने दिल्ली को पानी सप्लाई करने के लिए आवर्धन नहर बनवाई थी। लेकिन कुछ वर्षों पहले सरकार ने इन नहर पर ठसका में पावर प्लांट लगाया है। इस पावर प्लांट के कारण आवर्धन नहर पिछले लगभग 5 वर्षों में तीन बार टूट चुकी है। किसानों का आरोप है कि ठसका पावर प्लांट व पास के अन्य पावर प्लांटों को अधिक पानी सप्लाई कर अधिक बिजली बनाने के चक्कर में नहर में अधिक पानी छोड़कर पटरी को तोड़ने का काम किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि नहर में कम पानी होने पर ठसका पावर प्लांट में बिजली कम बनती है। मिलीभगती से नहर में पानी अधिक छोड़कर प्लांट को फायदा पहुंचाने का काम किया जा रहा है। उधर नहरी विभाग के जेई अरूण कुमार ने बताया कि समय समय पर नहर की पटरी की मरम्मत का कार्य किया जाता रहा है। नहर में जहां भी खस्ता हाल में पाई जाएगी तो वहां मरम्मत करवा दी जाएगी। फोटो: 12, 13 व 14

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