[mandi] - नहीं टूटी स्वास्थ्य विभाग की नींद जोगिंद्रनगर अस्पताल की बदहाली पहुंची उच्च न्यायालय

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प्रस्तावित लीड-3बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मसला उच्च न्यायालय पहुंचाएडवोकेट अनिल कुमार ने दायर की जनहित याचिका एक लाख आबादी वाले जोगिंद्रनगर क्षेत्र को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सुविधाएं ब्लड बैंक सुविधा बंद, प्रबंधन ने लटका दिया ताला वर्किंग अल्ट्रासाउंड मशीन एक कोने में पड़ी 70 किमी दूर जाकर महंगे दामों पर मिल रहा इलाज अमर उजाला ब्यूरो जोगिंद्रनगर (मंडी)। सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर हो रहे जनांदोलन से स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी है। जनाक्रोश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग एक लाख की आबादी का जिम्मा संभाले अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने में नाकाम रहा है। लिहाजा अब सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में रिक्त पडे़ डाक्टरों, बंद अल्ट्रासाउंड तथा बल्ड बैंक के शुरू न होने का मुद्दा प्रदेश उच्च न्यायालय के पास पहुंच गया है। एडवोकेट अनिल कुमार के माध्यम से दायर जनहित याचिका में कहा कि सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में हालत ऐसे हैं कि ब्लड बैंक पर ताला जड़ दिया गया है। चालू हालत में अल्ट्रासाउंड मशीन अस्पताल के एक कोने पर पड़ी है। जिसे हरे कपड़े से ढक कर इतिश्रि कर ली है। यहां स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से लोगों को 70 किमी दूर जाकर महंगे दामों पर अपना इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में डाक्टरों के पदों को लंबे अरसे से नहीं भरा जा रहा है। 50 फीसदी चिकित्सकों के पद रिक्त जानकारी के अनुसार अस्पताल में डाक्टरों के 19 पद सृजित किए गए हैं। जिनमें से आधे से ज्यादा लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इस अस्पताल के तहत करीब एक लाख के करीब लोग आते हैं। लेकिन, यहां पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी का खामियाजा यहां के गरीब और असहाय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गायनी डाक्टर नहीं, महिलाएं परेशान अस्पताल में गायनी डाक्टर के न होने से खासतौर पर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही की घटना में जो महिला डाक्टर इस अस्पताल मेें तैनात थी, उसका भी तबादला कर दिया गया है। जोगिंद्रनगर क्षेत्र में रहने वाले लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को नजर अंदाज किया जा रहा है। यह की मांग जनहित याचिका में उच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि अस्पताल में रिक्त पदों को भरने तथा पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति करने के आदेश देने का आग्रह किया है ताकि, एक लाख की आबादी वाले जोगिंद्रनगर की जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। याचिकाकर्ता अनिल कुमार और अन्य युवकों ने गत 13 अप्रैल को जनचेतना अधिकार मंच के बैनर तले स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मच्छयाल से जोगिंद्रनगर तक पैदल मार्च किया था। सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर 10 दिनों के अंदर अस्पताल में रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो वह उच्च न्यायाल में रिट पिटीशन दायर करेंगे।

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