[patiala] - केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोग्राम

  |   Patialanews

राजपुरा-बठिंडा रेलवे ट्रैक होगा डबल: राजेन गोहांईरेल राज्य मंत्री बोले, राजपुरा-चंडीगढ़ रेल लाइन बिछाने में पंजाब सरकार बन रही है बाधापटियाला के डीएमडब्लयू में दो मेगावाट के रूफटाप सौर ऊर्जा प्लांट का उद्घाटन कियाफिरोजपुर से दिल्ली तक रेल चलाने संबंधी सरकार स्तर पर विचार करके होगा फैसलाअमर उजाला ब्यूरोपटियाला। रेल राज्य मंत्री राजेन गोहांई ने कहा कि राजपुरा से चंडीगढ़ रेलवे लाइन बिछाने में पंजाब सरकार बाधा पैदा कर रही है, जबकि केंद्र सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। राजपुरा से बठिंडा रेलवे ट्रैक जल्द डबल हो जाएगा और इसका इलेक्ट्रिीफिकेशन भी हो जाएगा। फिरोजपुर से दिल्ली तक रेल चलाने संबंधी पटियाला से सांसद डा. धर्मवीर गांधी की मांग बारे मंत्री ने कहा कि इस संबंधी सरकार स्तर पर विचार करके फैसला लिया जाएगा। वह बुधवार को पटियाला के डीएमडब्लयू में दो मेगावाट रूफटाप सौर ऊर्जा प्लांट का उद्घाटन करने पहुंचे हुए थे। सांसद डा. धर्मवीर गांधी, सदस्य रेलवे बोर्ड घनश्याम सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रमेश कुमार, मेयर संजीव शर्मा बिट्टू की मौजूदगी में समागम को संबोधित करते हुए रेल राज्य मंत्री ने माना कि पैसेंजर ट्रेनों के मामले में रेलवे विभाग समय का पाबंद नहीं है। अकसर ट्रेनें देरी से पहुंचती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि जब हवाई जहाज समय पर पहुंच सकते हैं, तो फिर रेलगाड़ियां क्यों नहीं। इसमें सुधार के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि कुल 63 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक है। इस सारे ट्रैक का इलेक्ट्रिीफिकेशन करने की योजना है। ऐसे में अगर सौर ऊर्जा प्लांटों के जरिये बिजली पैदा की जाती है, तो फिर विभाग के पैसों की काफी बचत हो जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत के 600 रेलवे स्टेशनों को प्राइवेट नहीं, बल्कि नवीनीकरण करने के लिए बिल्ट आपरेट एंड ट्रांसफर स्कीम तहत काम शुरू किया है। कई रेलवे स्टेशनों पर काम शुरू भी किया जा चुका है। ट्रेनों में घटिया क्वालिटी के मिल रहे खाने संबंधी मंत्री ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। मंत्री ने डीएमडब्ल्यू की गतिविधियों व उनके कार्य निष्पादन और इसी क्रम में किए गए लगातार सुधारों में सुनिश्चित की जा रही तकनीकी पहलों तथा डीजल लोकोमोटिव में फ्यूल की दक्षता को बढ़ाने में भी बेहद रुचि दिखाई। विदेशी कंपनियों के बने रेल इंजन अब देश में चलेंगे पत्रकारों से बात करते हुए राजेन गोहांई ने बताया कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप तहत 26 फीसदी सरकारी और 74 फीसदी दो विदेशी कंपनियों के हिस्से से 500-500 रेलवे इंजन बनाने का ठेका दिया गया है, ताकि अमेरिका व फ्रांस की नई तकनीक के साथ बनने वाले रेल इंजन भारत में भी चल सकें। इन कंपनियों ने दो-दो लोको मोटिव बनाकर सरकार के हवाले कर भी दिए हैं। इन विदेशी कंपनियों जनरल इलेक्ट्रिक अमेरिका और इलेक्स्ट्रोम फ्रांस ने 500 डीजल और 500 इलेक्ट्रिक रेलवे इंजन बनाने का ठेका लिया है। अमेरिका की कंपनी बिहार के मधेपुरा में, जबकि फ्रांस की कंपनी बिहार के मरोरा में रेल इंजन बना रही है।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/4u_ttwAA

📲 Get Patiala News on Whatsapp 💬