[pithoragarh] - संचार सेवा से वंचित 10 हजार की आबादी

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सीमांत मुनस्यारी के तल्ला जोहार क्षेत्र में मोबाइल, लैंडलाइन फोन खिलौने के समान हैं। इस सदी में भी यहां के लोगों के लिए दूूरसंचार और इंटरनेट सुविधा दूर की कौड़ी है। घाटी की 10 हजार से अधिक आबादी संचार सेवा से पूरी तरह वंचित है। संचार सेवा का लाभ उठाने के लिए इन लोगों को कई किमी दूरी तय करनी पड़ती है।

विकास खंड की जोहार घाटी के कोटा, लोद, समकोट, डुंगरी, सेलमाली, दाखिम, राया बजेता गांवों में अब भी दूरसंचार सेवा नहीं पहुंच पाई है। इन गांवों की 10 हजार से अधिक आबादी के लिए मोबाइल फोन आदि दूरसंचार उपकरण शोपीस की वस्तु बने हैं। यहां के लोगों को एक-दूसरे से संचार संपर्क साधने के लिए कई किमी दूर नेटवर्क वाले इलाके की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीण पहले से ही आजीविका के साधनों की कमी, चिकित्सा, शिक्षा आदि बुनियादी जरूरतों से जूझ रहे हैं। ये गांव आपदा के लिहाज से भी संवेदनशील हैं। इन हालातों में बड़ी आबादी की संचार सेवा से दूरी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा रही है।

ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

संचार सेवा से वंचित ग्रामीण लंबे समय से क्षेत्र में बीएसएनएल का टावर लगाने की मांग उठाते आ रहे हैं। इसे लेकर शासन-प्रशासन और दूरसंचार कंपनी से लगातार पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन अब तक सुध नहीं ली गई है। ग्रामीणों ने डीएम से संचार सेवा का लाभ दिलाने की गुहार लगाई है। इन गांवों के बाशिंदों ने डीएम को पत्र लिखकर समस्या बताई है। ग्रामीणों का कहना है कि समकोट में बीएसएनएल का टावर स्वीकृत है, लेकिन दूरसंचार कंपनी टावर लगाने में हीलाहवाली कर रही है। उन्होंने टावर जल्द लगाने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता महेश नेगी का कहना है कि जल्द संचार सेवा का लाभ न मिला तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान हरेंद्र सिंह, विजय मेहरा, गंगा सिंह, वीरेंद्र सुयाल आदि थे।

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