[rohtak] - सांपला

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सरकारी योजनाओं के जरिए किसानों को आमदनी बढ़ाने की जानकारी दी जाएगी - जिला विकास अभिकरण सभागार में अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए योजनाओं के प्रचार के निर्देशअमर उजाला ब्यूरो रोहतक। कृषि क्षेत्र में मशीनों का उपयोग विशेषकर फसल अवशेषों को नष्ट करके खाद के रूप में प्रयोग करने बारे विशेष योजना क्रियान्वित की गई है। इन उपकरणों का प्रयोग करके किसान बेहतर आजीविका कमा सकते है। अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार ने बुधवार को जिला विकास अभिकरण के सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन हेतु स्थापित होने वाले फार्म मशीनरी, बैंकों, कस्टम हायरिंग सेंटराें के लिए आयोजित बैठक में कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार हो। गांव व खंड स्तर पर किसानों के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाए।उन्होंने बताया कि सरकार का ध्येय है कि सन 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी हो और किसान आर्थिक रूप से समृद्ध बने। इसके लिए विशेष योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। बैठक में सहायक कृषि अभियंता गोपीराम सांगवान ने सीटू फसल अवशेष प्रबंधन के मशीनीकरण के माध्यम से बढ़ावा देने के लिए क्रियान्वित योजनाओं बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन की 8 मशीनों को किराए पर उपलब्ध करवाने के लिए यह योजना क्रियान्वित की गई है। इन योजनाओं के तहत हैप्पी सीडर, जीरो टील, रोटावेटर, रिवर्सिबल, एसएमएस, मल्चर, चौपर, रोटरी सलेसर आदि मशीनें अनुदान पर मुहैया करवाई जाएंगी। इसके लिए किसान समूह, सहकारी किसान सोसायटी, महिला किसान समूह, एफपीओ आदि 31 मई तक कार्यालय में आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जिले में 30 कस्टम हायर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। किसान हायर सेंटर के लिए 25 लाख रुपये से ऊपर के उपकरण खरीदने के लिए बैंक से ऋण लेना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा व्यक्तिगत स्तर पर भी इन योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह योजना प्रदेश के 15 जिलों में लागू की गई है। बैठक में सहकारी समिति के इंस्पेक्टर नीरज कुमार, उद्योग केंद्र से अनुदीप धनखड़ ने किसानों को समितियों के गठन बारे विस्तार से जानकारी दी। किसानों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए। इन सुझाव को किसानों के लिए अमल में लाने बारे आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर उपकृषि निदेशक रोहताश सिंह, एलडीएम कार्यालय से परमजीत दुग्ल, जिला बागवानी अधिकारी सुंदर सिंह, मीनाक्षी सांगवान, प्रदीप कुमार, किशोरी लाल शर्मा, आशुतोष, एएसओ विनोद हुड्डा, सुरजीत सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे।गर्मी में संक्रामक रोगों से बचाव के लिए प्रशासन ने कसी कमर - पेय एवं खाद्य पदार्थों की जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासनिक टीमें गठित की गईं अमर उजाला ब्यूरो रोहतक। गर्मी में संक्रामक रोगों विशेषकर हैजा और पीलिया को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसके लिए उपायुक्त ने पेय एवं खाद्य पदार्थों की चेंकिग करने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें गठित की हैं। हानिकारक पदार्थों की क्रय और विक्रय की रोकथाम सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही हानिकारक खाद्य एवं पेय पदार्थों को नष्ट करने का अधिकार भी टीमों को दिया गया है। उपायुक्त डा. यश गर्ग ने बताया कि सिविल सर्जन, उपसिविल सर्जन, प्रवर चिकित्सा अधिकारियों, सरकारी व स्थानीय निकाय के अस्पतालों, डिस्पेंसरी, कार्यकारी अधिकारियों, खाद्य निरीक्षकों, प्रवर सफाई निरीक्षकों, बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, निगरान सहायक इकाई अधिकारियों, सहायक मलेरिया अधिकारियों और सभी मजिस्ट्रेट को उनके अधिकार क्षेत्र में निरीक्षण कर हानिकारक खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री पर पाबंदी लगाने और उन्हें नष्ट करने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही किसी भी व्यक्ति को बाजार, भवन, दुकान, स्टाल या स्थान पर हानिकारक खाद्य एवं पेय पदार्थों के विक्रय, भंडारण एवं मुफ्त वितरण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। बर्फ के कारखाने का वातीजल या खनिजजल भी बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। नगरपालिका एवं पंचायत समितियों के अधीन क्षेत्रों में इन संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए भी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए। हैजा व पीलिया फैलने की सूचना सरपंच, नंबरदार आदि को तुरंत प्रभाव से चिकित्सा अधिकारियों के संज्ञान में लाने के भी निर्देश दिये गए हैं। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किये गएं है और दिसंबर 2018 तक प्रभावी रहेंगे।

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