[rohtak] - सूरज ढलने के बाद ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे

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अमर उजाला पड़तालसूरज ढलने के बाद ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे - पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों से नदारद रहती है पुलिस- अमर उजाला ने रोहतक रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाली कई ट्रेनों की पड़ताल की- एक ट्रेन में सुरक्षा की दृष्टि से मिला मात्र एक पुलिसकर्मी- रोहतक रेलवे स्टेशन पर गश्त करता नजर आया एएसआईअमर उजाला ब्यूरोरोहतक।इसे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही कहा जाएगा या फिर अनदेखी, कि विभिन्न मार्गों पर चलने वाली पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों में रात के समय सुरक्षा भगवान भरोसे रहती है। अमर उजाला की टीम ने शनिवार रात रोहतक रेलवे स्टेशन पहुंचकर कई ट्रेनों की पड़ताल की तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। अधिकतर ट्रेनों में पुलिसकर्मी नदारद थे। हालांकि रोहतक रेलवे स्टेशन पर जरूर जीआरपी गश्त करती नजर आई। पड़ताल के दौरान अमर उजाला को कुछ इस तरह का नजारा देखने को मिलाट्रेन - हरिद्वार बीकानेर एक्सप्रेस, समय - 12:45 बजे रातट्रेन रोहतक रेलवे स्टेशन पर आकर रुकती है। पड़ताल के दौरान पाया गया कि किसी भी बोगी में सुरक्षा की दृष्टि से आरपीएफ का कोई भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। सफर करने के बाद रेलवे स्टेशन पर उतरे दैनिक यात्री मनीष, सुनीता ने कहा कि रात के समय ट्रेनों में सुरक्षा न के बराबर रहती है।ट्रेन- पंजाब मेलसमय-2 बजे रातयह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर दो पर आकर रुकती है। रुकते ही ट्रेन से यात्रियों के उतरने व चढ़ने का क्रम जारी हो जाता है। कई बोगियों की पड़ताल की गई मगर पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। पीछे वाली बोगी में जरूर एक पुलिसकर्मी तैनात था। उसने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण कम पुलिसकर्मियों को ही लगाया जाता है।ट्रेन- गरीब रथ समय-1.45 बजेट्रेन रोहतक रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर आकर रुकी। किसी भी बोगी में पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। चंडीगढ़ से सवार हुए मलखान सिंह, मनोहर ने कहा कि कोई भी पुलिसकर्मी ट्रेन में नहीं है। कभी भी कोई वारदात हो सकती है। किसी भी बोगी में पुलिसकर्मी नजर नहीं आए।यह तीन उदाहरण तो बानगी भर मात्र हैं। यात्रियों का आरोप है कि रात में चलने वाली अधिकतर ट्रेनों से पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं। जिसके कारण कई बार यात्रियों के साथ वारदात कर दी जाती है।कहां कहां लगाए पुलिसकर्मीआरपीएफ एसपी का कहना है कि विभाग में स्टाफ की भारी कमी है। प्रयास रहता है कि अधिकतर ट्रेनों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाए। हर ट्रेन में पुलिस तैनात करना संभव नहीं होता है। खुद अभियान चलाकर ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा।रेलवे अधिकारियों से की जा चुकी है शिकायतदैनिक रेल यात्री संघ दिल्ली व रोहतक के प्रवक्ता सतपाल सिंह, पवन कुमार का कहना है कि रात में ट्रेनों में पुलिसकर्मियों के तैनात नहीं होने की शिकायत कई बार रेलवे अधिकारियों से की जा चुकी है। मगर सुनवाई नहीं की जाती है। जिसके कारण कई बार यात्रियों के साथ लूट व अन्य घटनाएं हो चुकी हैं। फिर से रेलमंत्री व आरपीएफ के अधिकारियों से मामले की शिकायत करने का दावा किया है।जीआरपी एएसआई की हर किसी ने की सराहनाभले ही पड़ताल के दौरान ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था नाम मात्र मिली हो। मगर रोहतक रेलवे स्टेशन पर जीआरपी रात में भी अलर्ट नजर आई। रोहतक रेलवे स्टेशन पर बैठे यात्री हरीश, सुनील, निकित का कहना था कि एएसआई बलवान सिंह नियमित रूप से चेकिंग कर रहे हैं। एएसआई ट्रेनों में भी गश्त करते नजर आए।रात के समय ट्रेनों में पुलिस के तैनात नहीं होने का मामला गंभीर है। कई बार स्टाफ की कमी के कारण भी ट्रेनों में पुलिसकर्मी तैनात नहीं रहते हैं। जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।- संतोष कुमार, एसपी आरपीएफअमर उजाला पड़तालएमए-2पैसेंजर ट्रेन की बोगी से नदारद पुलिसकर्मी।एमए-3रोहतक रेलवे स्टेशन से गुजरती ट्रेनएमए-4एसपी आरपीएफ संतोष कुमार सिंह।----------------------------------------------

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