[varanasi] - सेतु निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों पर मानव वध का मुकदमा

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वाराणसी। चौकाघाट-लहरतारा मार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो बीम गिरने से 15 लोगों की मौत के मामले में बुधवार को सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। रोडवेज पुलिस चौकी प्रभारी की तहरीर पर फ्लाईओवर बना रहे उप्र सेतु निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, पर्यवेक्षण अधिकारी और कार्यों के लिए नियुक्त ठेकेदार व उनके कर्मचारी पर भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक मानव वध और सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोप में कार्रवाई की गई है। हादसे की जांच के लिए गठित तकनीकी समिति और फोरेंसिक यूनिट की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अगली कार्रवाई करेगी।इस बीच मुख्यमंत्री की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने मौके का निरीक्षण कर जिम्मेदार अधिकारियों का बयान दर्ज किया है। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज राय को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उधर, पीडि़तों के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित सहायता राशि खाते में भेज दी गई है। अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जानने के लिए दूसरे दिन भी प्रदेश सरकार के मंत्री, राजनीतिक दलों के नेता और अधिकारी पहुंचे।निर्माणाधीन फ्लाईओवर की 50 फीट लंबी दो बीम मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे एक-एक कर सड़क पर गिर पड़ी थीं। इस दौरान लगे जाम के कारण सड़क पर खड़ी एक महानगर बस सहित दर्जन भर वाहन एक बीम के नीचे दब गए थे। तकरीबन डेढ़ घंटे बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ तो गैस कटर से वाहनों को काट कर 15 शव और 12 घायलों को बाहर निकाला गया। बुधवार को पुलिस की फोरेंसिक यूनिट ने फ्लाईओवर के ऊपर और घटनास्थल से तकरीबन डेढ़ घंटे तक साक्ष्य एकत्र किए। रोडवेज चौकी प्रभारी घनानंद तिवारी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि विवेचना शुरू हो गई है। फोरेंसिक यूनिट घटना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की तफ्तीश कर रही है।

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