👉पीएम मोदी ने किया सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय 👌का उद्घाटन, नेताजी से जुड़ी इन चीजों से 😲बना खास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 122 वीं जयंती पर लाल किले में सुभाषचंद्र बोस संग्रहालय का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी उसी जगह पर याद-ए-जलियां संग्रहालय (जलियांवाला बाग और प्रथम विश्वयुद्ध पर संग्रहालय) और 1857 (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम) पर संग्रहालय और भारतीय कला पर दृश्यकला संग्रहालय भी गए। बोस और आजाद हिंद फौज पर संग्रहालय में सुभाष चंद्र बोस और आईएनए से संबंधित विभिन्न वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है।

संग्रहालय में नेताजी द्वारा इस्तेमाल की गई लकड़ी की कुर्सी और तलवार के अलावा आईएनए से संबंधित पदक, बैज, वर्दी और अन्य वस्तुएं शामिल हैं। बता दें कि आईएनए के खिलाफ जो मुकदमा दायर किया गया था, उसकी सुनवाई लाल किले के परिसर में ही हुई थी, इसीलिए यहां संग्रहालय बनाया गया।

संग्रहालय में आने वालों को किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो ऐसे में इसे खास तौर से डिजाइन किया गया है। संग्रहालय में आईएनए से संबंधित पुराने रिकॉर्ड, अखबारों की कतरने, ऑडियो-विडियो क्लिप, मल्टीमीडिया, पेंटिंग, फोटो के साथ-साथ एनिमेशन के जरिए नेता जी और आईएनए का योगदान प्रदर्शित करने की कोशिश की गई है।

बता दें अपने उग्र विचारों के चलते खून के बदले आजादी देने का वादा करने वाले सुभाषचंद्र बोस का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा है। 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में एक संपन्न बांग्ला परिवार में जन्मे सुभाष अपने देश के लिए हर हाल में आजादी चाहते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश के नाम कर दिया और अंतिम सांस तक देश की आजादी के लिए संघर्ष करते रहे।

‘नेताजी’ लड़-मरकर हर कीमत पर भारत को आजादी की बेड़ियों से मुक्त कराने को आतुर उग्र विचारधारा वाले देश के युवा वर्ग का चेहरा माने जाते थे। वह युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। देश की स्वतंत्रता के इतिहास के महानायक बोस का जीवन और उनकी मृत्यु भले ही रहस्यमय मानी जाती रही हो, लेकिन उनकी देशभक्ति हमेशा असंदिग्ध और अनुकरणीय रही।

यहां देखें फोटो-http://v.duta.us/OQKE-wAA

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