[bageshwar] - उत्तर पूर्वी राज्यों की सरसों से लहलहाएंगे कुमाऊं के खेत

  |   Bageshwarnews

उत्तर पूर्व की सरसों अब कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्र में भी लहलहाएगी। असोम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय आदि राज्यों में बोयी जाने वाली सरसों की तोरिया टीएस-67 प्रजाति को यहां किसान नवंबर माह में बोएंगे और दिसंबर माह में उन्हेें फसल मिल जाएगी। अभी तक कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में किसान गेहूं की फसल के साथ ही सरसों को उगाते आए हैं। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि सरसों की यह नई प्रजाति यहां के लिए बेहद अनुकूल हैं और किसान एक हेक्टेयर के उत्पादन में 12 हजार रुपये तक का लाभ कमा सकते है।

टीएस 67 प्रजाति को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए विकसित किया था। यहां स्थित विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने इस प्रजाति को कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर में तैयार किया। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. कमल पांडे के मुताबिक सरसों की यह प्रजाति पहाड़ के लिहाज से बेहतर पाई गई है।...

फोटो - http://v.duta.us/k8pd5gAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/oEma7wAA

📲 Get Bageshwar News on Whatsapp 💬