[indore] - विश्वास पात्र कर्मचारी ने लगा दी 98 लाख रुपए की चपत

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इंदौर. विश्वास पात्र कर्मचारी ने ट्रांसपोर्ट पर काम करते हुए संचालक को करीब एक करोड़ की चपत लगा दी और नौकरी छोडक़र चला गया। फरियादी भी नागालैंड के फर्जी लाइसेंस कांड में आरोपी रहा है, उसे अग्रिम जमानत मिल गई थी।

लसूडिय़ा पुलिस ने प्रदीप सांगवान निवासी सिंगापुर टाउनशिप की शिकायत पर संदेही नरेश कुमार निवासी झंझनू, राजस्थान के खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, फरियादी की देवास नाका में ट्रांसपोर्ट कंपनी है। फरियादी काम के सिलसिले में अधिकांश शहर से बाहर रहते थे, ऐसे में उन्होंने अपने विश्वास पात्र कर्मचारी नरेश को यहां काम की सारी जिम्मेदारी दे रखी थी। नरेश उनका पुराना कर्मचारी था। ट्रांसपोर्ट कंपनी से संबंधित जितने भी बैंक खाते है उसकी जिम्मेदारी नरेश के पास थी, यहां तक की खातों मेें मोबाइल नंबर भी नरेश का ही लिंक था और उसमें जमा होने वाली व निकाली जाने वाली राशि का अलर्ट भी उसी को आता था। पिछले दिनों नरेश ने उनकी नौकरी छोड़ दी और चला गया। शंका होने के बाद फरियादी ने बैंक खातों की छानबीन की तो पता चला कि नरेश करीब एक करोड़ की चपत लगाकर गया है। फरियादी बैंक खातों के कोरे चैक हस्ताक्षर कर नरेश को देते थे जिससे वह राशि कभी भी निकाल सकता है। नरेश ने इन सभी बातों का फायदा उठाते हुए फरवरी 2018 से दिसंबर 2018 के बीच करीब 97 लाख 81 हजार रुपए निकाल लिए अथवा दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए थे। फरियादी पक्ष का कहना है कि बाजार में कुछ अन्य व्यापारियों का भी काफी पैसा लेकर आरोपी गया है। फरियादी प्रदीप सांगवान नागालैंड में बने फर्जी लाइसेंस के मामले में आरोपी रहा है। क्राइम ब्रांच ने काफी समय उसकी तलाश की थी। लसूडिय़ा टीआई संतोष दुधी का कहना है कि उसे अग्रिम जमानत मिल गई थी। हालांकि टीआई का कहना है कि यह मामला 97 लाख रुपए की न होकर सिर्फ 97 हजार की है, मामले में पहले गलत जानकारी दी थी।

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