[narsinghpur] - कलेक्टर कोर्ट का आदेश 294 रुपए 20 पैसे प्रति क्विंटल की दर से करें गन्ने का भुगतान

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नरसिंहपुर। यहां के गन्ना की सुगर रिकवरी की प्रदेश की अलग अलग लैब में जांच कराने के बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिले की सभी शुगर मिलों को अब २९४ रुपए २० पैसे प्रति क्विंटल की दर से गन्ने का भुगतान करने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं अभी तक वास्तविक सुगर रिकवरी से कम भुगतान करने के आरोप में मिलों को नोटिस भी जारी किए हैं ताकि किसानों को न्याय मिल सके।

कलेक्टर ने गन्ने का वास्तविक रेट तय करने के लिए यहां के गन्ना की शुगर रिकवरी की जांच सरकारी एजेंसियों से कराई थी । सैंपल की जांच बुरहानपुर स्थित नवल सिंह शकर सहकारी कारखाना में कराई थी जबकि राज्य स्तर से गठित दल द्वारा संकलित किए गए आंकड़ों का विश्लेषण ऑल इंडिया कोऑर्डिनेटेड रिसर्च प्रोजेक्ट ऑन एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय पवारखेड़ा से किया गया था । जिसमें बुरहानपुर में राज्य स्तर की टीम के सैंपल की 11.138, जिला स्तर की टीम के संैपल में १०.५५५ और पवारखेड़ा ने 10.4०3 शुगर रिकवरी की पुष्टि की जिसके आधार पर औसत रिकवरी 10. 6९८ पाई गई। कलेक्टर ने इस संबंध में औसत रिकवरी प्रतिशत के लिए भारत सरकार के उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग नई दिल्ली के परिपत्र जुलाई 2018 में दिए गए निर्देश के अनुसार गन्ने के मूल्य की गणना सहायक संचालक गन्ना नरसिंहपुर से कराई थी । सहायक संचालक गन्ना नरसिंहपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 10.98 रिकवरी प्रतिशत के लिए वर्ष 2018 -19 हेतु निर्धारित दर अनुसार गन्ने का मूल्य 294.20 प्रति क्विंटल होता है। कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा है कि जिले के विभिन्न किसान संगठन राजनीतिक दलों समाजसेवियों द्वारा दिए गए ज्ञापनों और मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित हो रहे समाचारों, शुगर मिलों द्वारा प्रस्तुत रिकवरी रिपोर्ट एवं जिले के बाहर से कराए गए गन्ना लेबोरेटरी टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि शुगर मिलें जिस दर से गन्ना खरीद रही थीं वह काफी कम है और वास्तविक रिकवरी रेट पर आधारित नहीं है । कलेक्टर ने इस मामले पर वास्तविक रेट से कम पर गन्ना खरीदने की गड़बड़ी को लेकर विभिन्न शुगर मिलों को 22 जनवरी को मध्य प्रदेश गन्ना एवं नियमन अधिनियम 1958 के तहत कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं । कलेक्टर ने अपने आदेश में लिखा है कि यह आवश्यक हो गया है कि गन्ना किसानों को उनकी उपज का मूल सही समय पर लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और गन्ना किसानों के शोषण पर प्रभावी रोक लगाई जाए और जनहित में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को बिगडऩे से रोका जाए । कलेक्टर कोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश शासन विरुद्ध जावरा शुगर मिल लिमिटेड एवं अन्य के आदेश का भी उल्लेख किया है कि यह शासन की जवाबदारी है कि वह गन्ना किसानों को उपज का सही मूल्य प्रदान करने के लिए व्यवस्था करे।

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