[raipur] - इस्कूल म हो छत्तीसगढ़ी म पढ़ई

  |   Raipurnews

छत्तीसगढ़ी ह राजभासा बन गे हे त वोला अब इस्कूलमन म पढ़ाय बर चाही। पहली छत्तीसगढ़ी ह सिरिफ बोलचाल के माध्यम रहिस। फेर अब वोमा एमएम के पढ़ई घलो होवत हे। जउन ह छत्तीसगढ़ी के बढ़ोतरी खातिर एक बढिय़ा परयास आय। अब ऐकर बिस्तार करके परथमिक सिक्छा म तुरते सुरू करे बर चाही। ऐकर से छत्तीसगढ़ी ल मान- सम्मान मिलही। लइकामन छत्तीसगढ़ी संस्करीति अउ साहित्य ल पढ़ पाहीं, जान पाहीं।

कोनो भासा ल मेटाय ले वोला बोलइया मनखे अउ समाज घलो ह मेटा जथे। इही छत्तीसगढ़ म चलत हे, तभे इहां के भासा ल वो जगा नइ देवत हें। जब छत्तीसगढ़ी म एमए हो सकत हे त सुरवाती सिक्छा ह काबर नइ हो सकत हे? ऐमा सरकार के मंसा म कमी हे। तभे छत्तीसगढ़ी ह पनप नइ सकत हे। संगे-संग छत्तीसगढियामन घलो अपना भासा ल लेके जागत नइये। तेकर सेती छत्तीसगढ़ी भासा ल सही मान-सम्मान नइ मिल पावत हे। छत्तीसगढ़ी के बढोतरी खातिर नेता, अभिनेता, करमचारी-अधिकारी, साहित्कार, पत्रकार, मास्टर, बुद्धिजीवी, आम जनता सबो ल मिलजुर के कदम बढ़ाय बर चाही।

फोटो - http://v.duta.us/VlXEhQAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/dOKiAwAA

📲 Get Raipurnews on Whatsapp 💬