आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की पत्रकार वार्ता

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अल्मोड़ा। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रभा फर्त्याल ने मांग उठाई है कि सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करे। वर्तमान में उन्हें जीवन यापन के लिए तक मानदेय नहीं मिल रहा है। सरकारी कर्मचारी घोषित होने तक आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 18 हजार रुपये और सहायिकाओं को नौ हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। यदि ग्यारह सूत्री मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो चार नवंबर से संगठन आंदोलन को बाध्य होगा।

दुगालखोला स्थित संगठन कार्यालय में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि 1975 से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से समेकित बाल विकास योजना का संचालन हो रहा है। पूरे देश में 25 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं। कार्यकर्ता विभागीय कार्य तो करती हैं, इसके अलावा बीएलओ, आर्थिक जनगणना, जनगणना, पल्स पोलियो, राशन कार्ड सत्यापन, ओडीएफ आदि अतिरिक्त कार्य कराए जाते हैं, जो कि न्यायोचित नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रतिमाह 4500, मिनी आगंबनाडी कार्यकर्ता को 3500 और सहायिका को 2200 रुपये प्रतिमाह मानदेय स्वीकृत है वह भी समय पर नहीं मिलता है। जबकि दिल्ली सराकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 18 हजार रुपये मानदेय देती है।...

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