चिटफंड कम्पनियों के 'माया' जाल में निवेशक हुए कंगाल

  |   Karaulinews

हिण्डौनसिटी. आकर्षक स्कीम व मोटे ब्याज का प्रलोभन देकर एक दर्जन से ज्यादा चिटफंड कंपनियां लोगों की गाढ़ी कमाई के करीब 500 करोड़ रुपए दबा कर भाग गई। कंगाल हो चुके हजारों निवेशक अब जमापूंजी की वापसी के लिए मारे-मारे भटक रहे हैं। शहर में पिछले 10-12 साल से संचालित करीब एक दर्जन से अधिक चिटफंड कम्पनियों के कार्यालय खुले और बंद हो गए। हालांकि पुलिस ने कुछ कम्पनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तो शुरु की है, लेकिन यहां के लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार वर्ष 2005 के लेकर 2015 तक डेढ़ दर्जन से अधिक चिटफंड कम्पनियों ने शहर में बड़े व आलीशान भवनों को किराए पर लेकर भारी तामझाम के साथ दफ्तर खोल माया (मोटे ब्याज का लोभ) जाल बिछा लिया। शहर में सांई प्रसाद, पीएसीएल, केबीसीएल, स्काई लार्क, विंसार एग्रो, बाइक बोर्ड, आदर्श क्रेडिट कॉपरेटिव, रेजफील्ड, केएमजे, लोकहित भारती, पिलकॉन, सांई प्रकाश, पुलाक मार्केटिंग, एसएलडीआई इन्फ्राकॉम नाम की चिटफंड कम्पनियां करीब 500 करोड़ से ज्यादा रुपए वसूल कर भागी हैं। इनमें से सबसे पुरानी कम्पनी पीएसीएल सबसे पहले निवेशकों को चूना लगा कर रफूचक्कर हुई थी। इसके बाद तो ये कम्पनियां एक-एक कर अपना कारोबार समेट कर भागने लगीं। फिलहाल शहर में एक भी चिटफंड कम्पनी का कार्यालय संचालित नहीं हैं।...

फोटो - http://v.duta.us/9UQI3wAA

यहां पढें पूरी खबर- - http://v.duta.us/L3dnhgAA

📲 Get Karauli News on Whatsapp 💬