गैरजिम्मेदारी ने बढ़ाई गर्भवती की पीड़ा

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उदयपुर/ झाड़ोल. prathmik swasthya kendra कहने को तो गिर्वा उपखण्ड क्षेत्र की बछार ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 'आदर्शÓ की श्रेणी में शामिल है। लेकिन, मरीज सुविधा के नाम पर केंद्र के पास अपनी खुद की एंबुलेंस नहीं है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव में पीएचसी में गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तो हाई रिस्क प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं मुख्यालय स्थित चिकित्सालय तक पहुंचाने के लिए यहां कोई माध्यम नहीं है। दर्द से कराहती महिला को चिकित्सालय पहुंचाने के लिए परिजनों को निजी वाहन धारकों का मोहताज होना पड़ता है। इस खामी में कई बार देर होने से जच्चा और बच्चा को तकलीफ आने की आशंकाएं बढ़ जाती है। आदिवासी बाहुल्य इलाके में सरकारी उदासीनता से गरीब की जेब पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है। हालांकि, वर्तमान में सेवाएं दे रहे चिकित्सक उनकी ड्यूटी को लेकर जिम्मेदार हैं। वह रात के समय भी मुख्यालय पर ही रहते हैं।...

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