फूलों की खेती में बढ़ाएं आय, डालें जैविक खाद

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फतेहपुर। कृषि विभाग ने एकीकृत पोषकतत्व प्रबंधन एवं उर्वरक प्रयोग के चल रहे प्रशिक्षण में मंगलवार को फूलों की खेती और उसमें उपयोग करने वाली उर्वरक को बताया गया। साथ ही डीलर व दुकानदारों को किसानों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।

कृषि भवन में प्रगतिशील किसान रमेश सिंह ने कहा कि फूलों की खेती से किसानों अच्छी आमदनी ले सकते हैं। इसमें जैविक, गोबर की खाद का उपयोग किया जाए। गोबर की खाद को गड्ढा में डाल दें और उसको कम से कम 75 दिन बाद फूलों की पौधों में डालें। सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर सेट का उपयोग करने से ज्यादा कलियां व फूल निकलते हैं। सेवानिवृत्त उद्यान अधिकारी वीके सिंह ने कहा कि रासायनिक खाद के अधिक उपयोग से मिट्टी की सेहत खराब हो गई है। मिट्टी में जीवांश कम होते जा रहे हैं। इनकी कमी को पूरा करने के लिए हरी खाद, गोबर की खाद और जैविक खाद का उपयोग करना होगा। अब सभी उर्वरक कंपनियां रासायनिक खाद के साथ जैविक खाद बना रही हैं। आप लोग किसानों को जैविक खाद के लिए पे्ररित करें। तभी खेत की मिट्टी में सुधार होगा। कार्यक्रम प्रभारी द्वारिका प्रसाद ने कहा कि सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक प्रशिक्षण होता है। इसमें 30 डीलर व खाद दुकानदार प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद परीक्षा कराई जाएगी। फिर डिप्लोमा दिया जाएगा।

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