वोट अनुपात में भी महिलाओं की संख्या पुरुषों से ढाई गुना से कम

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बेटियों को देश के सबसे बड़े त्योहार में शामिल होने का मौका ससुराल जाने के बाद मिलता है। फेरे के बाद बेटियों द्वारा ससुराल जाने पर ही वोट बनवाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर के वोट शादी के बाद ही बनते हैं। इस कारण लड़कों की संख्या की अपेक्षा लड़कियाें के वोट कम बनना भी मतदाता लिंगानुपात में कमी का एक मुख्य कारण है। जिले की पांच विधानसभाओं में 18-19 आयुवर्ग में 18708 वोटर हैं। इनमें 5575 बेटियां और 13131 लड़के शामिल हैं। कह सकते हैं कि 1000 लड़कों के पीछे 424 लड़कियों के ही वोट बने हैं। 20 से 29 आयुवर्ग में 234464 वोटर हैं। इनमें 98951 महिलाएं और 135507 पुरुष यानी 1000 पुरुषों के पीछे 730 महिलाएं है।...

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