साहब! बेटा-बेटी मिरगी बीमारी से है ग्रस्ति, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से नहीं मिल रही सहायता

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अनूपपुर। साहब! मेरे दो बच्चे मिरगी बीमारी से ग्रस्ति हैं, पुत्र २५ वर्षीय है और पुत्री २३ वर्षीय। दोनों बचपन से फिट (मिरगी) की बीमारी से परेशान है। अपनी तरफ से जो हुआ इलाज कराया, लेकिन अबतक सुधार नहीं हुआ। थककर शासकीय योजना की तरफ से लाभ के लिए जनसुनवाई और सीएमएचओ अनूपपुर के यहां दो बार आवदेन देकर मदद की गुहार लगाई। सिविल सर्जन से अस्पताल में मिला। पिछले गुरूवार को विकलांगता कार्ड बनवाने गया। लेकिन सभी जगह निराशा हाथ लगी। गुरूवार को अनूपपुर जिला अस्पताल में डॉक्टर बोलते हैं रीवा मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती करें, वहंी इलाज कराएं। मैं गरीब आदमी हूं, कहंा रीवा लेकर जाऊं, फिर आपसे मदद के लिए आया हूं। यह बात शंकरलाल शर्मा वार्ड क्रमांक ५ कोतमा निवासी ने साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर बीडी सिंह से कहीं। शंकरलाल शर्मा ने कहा मेरी परिस्थितियां इतनी अच्छी नहीं कि अब उन्हें उपचार के लिए मैं रीवा लेकर जा पाउंगा। अपर कलेक्टर ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। वहीं बम्हनी गांव अनूपपुर निवासी अनारकली पटेल ने अपने दो माह से बीमार पड़े पति अनिल पटेल के समुचित उपचार कराकर जीवन बचाने जनसुनवाई में अपर कलेक्टर से अपील की। महिला का कहना है कि उसका पति जुलाई माह से बीमार है, उपचार कराने में घर में जमाराशि खर्च हो गई। यहां तक घर के बर्तन, जेवरात व जमीनों को भी बेच दिया। बावजूद कुछ सुधार नहंी हुआ। पति को कंपकपी(थरथराहट) है। जिसमें वे स्वयं के बल खड़ा नहीं हो सकते। उनका और उपचार कराने की आवश्यकता है। नहंी तो परिवार को भूखों मरने की स्थिति हो जाएगी। जिसपर अपर कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों से मदद व योजनाओं के लाभ के प्रावधानों के सम्बंध में तत्काल उपाय के निर्देश दिए।...

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