अपराजिता :शोषित होना भी अपराध

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शोषित होना भी अपराध है। अपराध सहन नहीं करना चाहिए। वह चाहे आपके साथ हो या फिर आसपास किसी और के साथ। इसके लिए खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। ताकि कोई भी शोषित न हो।

बुधवार को रानीगंज के दरियापुर गांव में स्थित अजीजुल निशा गल्र्स डिग्री कालेज में अमर उजाला के अभियान अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल के तहत आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में यह बातें पूर्व न्यायिक सदस्य व वरिष्ठ अधिवक्ता देवेश प्रताप सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है विधिक जानकारी।

जिसके माध्यम से आप बड़ी सहजता से अपराध पर अंकुश लगा सकती हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक दुर्व्यवहार, मौखिक रूप से उपहास आदि घरेलू हिंसा में आते हैं। आप स्थानीय पुलिस अधिकारी के पास जाकर इसकी शिकायत कर सकती हैं। इस संबंध में नि:शुल्क कानूनी सहायता भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि 3 दिन के भीतर कार्रवाई शुरू हो जाती है और 60 दिन के भीतर इसका निस्तारण भी।...

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