कलाम के विजन 2020 को एक बेहतर और सार्थक रूप से अपनाने की जरूरत है- रोटेरियन एसपी चतुर्वेदी

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बिलासपुर। मुझे इस बात की बड़ी खुशी है कि आज हम सब यहां पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाने के लिए उपस्थित हुए हैं। मैं हमेशा कहता हूं कि सीमए दुबे महाविद्यालय की पहचान ऐसे ही कार्यक्रमों के दम पर होनी चाहिए। ऐसे कार्यक्रम यहां होते रहने चाहिए। कलाम ने अपने विजन में देश को एक निर्देश दिया है, यदि सरकारें इसका पालन करती है तो ये देश विकासशील देश से विकसित देश के रूप में स्थापित होग। उन्होंने शिक्षा के पैटर्न पर खास जोर दिया था, इसमें काफी कुछ करना बाकी है, मेडिकल में काफी कुछ करना बाकी है। उन्होंने साइंस और रिसर्च की जो बात कही है इसमें काफी हद तक आगे बढ़कर एचिव किया है पर अभी भी बहुत कुछ बाकी है। उन्होंने लिटरेसी के बारे में कहा था इसमें हम काफी पीछे हैं काफी कुछ करना बाकी है। हम जो सामान्य जन हैं अपने आपको उनसे एसोसिएट करने की कोशिश करते हैं। जब मैं कलकत्ते में था तो हमारे रिलेटिव ने अपने ऑफिस का नाम एपीजे हाउस रखा है, वहां बैठकर मैं गर्वान्वित महसूस कर रहा था इसके बाद उनसे संबंधित कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। कलाम के विजन २०२० को एक बेहतर और सार्थक रूप से अपनाने की जरूरत है, पूरे विश्व के लिए ये आवश्यक है।

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