किसने कहा निराश्रित गोवंश को मिलेगा गोशाला में स्थान

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चित्तौडग़ढ़. जिले में निराश्रित गोवंश को गोशालाओं में आश्रय प्रदान करने की जिला कलक्टर चेतन देवड़ा की पहल पर कार्र्य शुरू हो गया है। इसके तहत प्रथम चरण में चित्तौडग़ढ़ शहर से 300 गोवंश को बेहतर आश्रय के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित गोशालाओं को सुपुर्द किया जा रहा है। जिले में गोवंश से संबंधित समस्याओं पर चर्चा के लिए जिला कलक्टर ने गोशाला संचालकों, प्रतिनिधियों एवं गोवंश संरक्षण कार्य से जुड़े लोगों के साथ बैठक की। इसमें जिले के उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। जिला कलक्टर चेतन देवड़ा ने गौवंश के यथोचित संरक्षण एवं बेहतर आश्रय सुविधा को उपलब्ध कराने को वर्तमान का ज्वलन्त मुद्दा बताया और कहा कि सभी के सहयोग से जिला प्रशासन इस दिशा में कारगर उपाय सुनिश्चित करेगा ताकि हमेशा के लिए इस समस्या से शहर को मुक्त किया जा सके। उन्होंने गोशाला संचालकों को आश्वस्त किया कि गोशालाओं की समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन प्राथमिकता के आधार पर कार्य करेगा। जिला कलक्टर ने गोशालाओं की भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए। गोशालाओं के लिए भूमि आवंटन के प्रस्तावों पर प्राथमिकता से कार्रवाई का आश्वासन दिया।बैठक में जिला कलक्टर ने सभी गौशालाओं से गौवंश संरक्षण एवं संवर्धनए गौवंश की रक्षाए पालन और सेवा का कार्य बेहतर ढंग से करने के लिए सकारात्मक सहयोग करने का आग्रह किया। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर नंदी गौशालाओं की स्थापना आदि पर चर्चा की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन मुकेश कुमार कलाल ने जिला प्रशासन की कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी। गोशाला संचालकों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया की मृत पशुओं के निस्तारण के लिए निश्चित स्थल उपलब्ध कराया जाए तथा पशुओं की उपयुक्त चिकित्सा सेवा के लिए गोशालाओं के लिए चिकित्सकए दवाइयों एवं एम्बुलेंस का व्यापक प्रबन्ध किया जाए।

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