गीता चंद्रन ने भरत नाट्यम से भाव विभोर किया

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नृत्य की प्रस्तुतियों पर खूब थिरके कदम

मुजफ्फ़रनगर। स्पिक मैके की विरासत श्रंखला में दूसरे दिन स्टेपिंग स्टोंस पब्लिक स्कूल में पद्मश्री गीता चंद्रन ने भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति कर उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। एक गुरु के तौर पर गीता चंद्रन ने बच्चों को सफलता के गुरुमंत्र भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयी पाठ्यक्रम के अलावा भी दुनिया है, जिसे जाने बिना ज्ञान भले आ जाए पर विवेक नहीं आ सकता।

स्पिक मैके की विरासत श्रृंखला 2019 में कार्यक्रम प्रस्तुत करने आई विख्यात नृत्यांगना पद्मश्री गीता चंद्रन ने शुभारंभ पुष्पांजलि के साथ साथ वंदेमातरम से किया। मीरा के प्रसिद्ध भजन मणे चाकर राखो जी की अद्भुत प्रस्तुति देने से पूर्व गीता चंद्रन ने बच्चों को नसीहत करते हुए गुरुमंत्र दिया कि जीवन में वही करना चाहिए, जिसके साथ दीवानगी कर सको। उन्होंने कहा कि मीरा उसका एक सर्वोच्च उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि आजकल कला के क्षेत्र में बेहद प्रतिभाशाली व पढ़े लिखे युवा खूब सफल हो रहे हैं। उनके साथ पधारीं पिछले 12 सालों से भरतनाट्यम सीख रहीं मदुरा स्वयं अर्थशास्त्र में परास्नातक हैं। मदुरा ने बच्चों के समक्ष भरतनाट्यम की मुख्य तत्वों से परिचित कराते हुए प्रस्तुतियां दीं तथा राग मिश्र नदाई में अलारिपू का प्रदर्शन किया। कृष्ण लीलाओं में सर्वाधिक लोकप्रिय माखन चोरी को गीता चंद्रन ने जिस अंदाज से प्रस्तुत किया वह वाकई अद्भुत रहा, जिसे देख कर दर्शक भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम का समापन आदिताल में निबद्ध राग वृंदावनी में तिल्लाना से हुआ। विदुषी गीता चंद्रन के साथ नटुवनगम एस शंकर गायन पर, ज्योति श्रीदेवी मृदंगम पर, मनोहर बालान्दिरन तथा बांसुरी पर रविंदर राजपूत ने बखूबी संगत प्रदान की।...

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