बाघ परियोजना के कोर जोन में नहीं रहेगा रावली-टाडगढ़ का वनक्षेत्र

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राजसमंद. कुंभलगढ़ राष्ट्रीय अभयारण्य में बाघ प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बुधवार को वनविभाग ने उच्चाधिकारियों को भेज दिया। भेजे गए प्रस्ताव में सिर्फ कुंभलगढ़ अभयारण्य क्षेत्र के वनखंड को ही कोर जोन में शामिल किया गया है। रावली-टाडगढ़ व भीम-देवगढ़ की 11 पंचायतों के राजस्व गांव भी इसमें शामिल नहीं हैं। हालांकि पहले वनविभाग ने 462 वर्ग किमी वनक्षेत्र को कोर जोन में शामिल किया था, बाद में फाइनल प्रस्ताव में संशोधन कर 355.25 वर्ग किमी वनक्षेत्र को ही इसमें लिया है। Rajsmand

भीम-देवगढ़ में हो रहा था विरोध

वनविभाग द्वारा बनाए जा रहे प्रस्ताव पर भीम-देवगढ़ क्षेत्र की ११ पंचायतों के लोग विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि रावली-कुंभलगढ़ वनक्षेत्र की ११ पंचायतें विजयपुरा, बाघाना, खीमाखेड़ा, छापली, दिवेर, नरदास का गुड़ा, कालागुमान, कुंवाथल, जीरण व स्वादड़ी के राजस्व गांव बाघ परियोजना के अंदर आ रहे हैं, जिससे उनकी जानमाल को हमेशा खतरा रहेगा। बुधवार को भी कुछ ग्रामीण जिला कलक्टर और डीएफओ से मिले तथा इन पंचायतों के राजस्व गांवों को परियोजना से बाहर रखने की बात कही। हालांकि वनविभाग का कहना है कि बाघ परियोजना में ११ पंचायतों का एक भी राजस्व गांव इसमें पहले से ही शामिल नहीं है।...

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