बुंदेलखंड क्षेत्र के कलाकारो ने बांधा समा

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चित्रकूट। शरदपूर्णिमा से चल रहे शरदोत्सव कार्यक्रम के समापन पर कलाकारों ने खूब धमाल मचाया। स्थानीय कलाकारों ने भी हुनर दिखाया। कवि सम्मेलन में कवियों ने कविताएं पढ़कर समा बांध दिया। इसके अलावा राजस्थान व मुंबई के कलाकारों ने भी रामायण पर आधारित रामलीला का मंचन किया।

भारत रत्न नानाजी देखमुख के जन्म दिन पर दीनदयाल शोध संस्थान ने धर्मनगरी के मप्र क्षेत्र के उद्यमिता विद्यापीठ परिसर में चल रहे शरदोत्सव कार्यक्रम के अंतिम दिन बुंदेलखंड क्षेत्र के कलाकारों ने बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रचलित नृत्य व गीत प्रस्तुत कर समा बांधा। कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें मुंबई के कवि अशोक सुंदर रानी ने जहां प्रेम की पयस्वनी निज सरस्वती, जहां सुख शांति की बहारें , जहां प्राकृतिक नववधू वही सियाराम की लीला चित्रकूट है...। इस तरह से कवि डा. कमलेश शर्मा, इटावा, अनिल तेस्वती जतारा, हेमा झांसी रवी शंकर चतुर्वेदी सतना, आदि ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की। दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कवियों को सम्मानित किया। इस मौके पर रामायणी कुटी के महंत राम हृदय दास, स्वामी मदन गोपाल दास, डा. भरत मिश्रा, कार्तिकेय द्विवेदी, अनिल कुमार, संतोष कुमार, शारदा द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

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